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​गाजीपुर कांड: नाबालिग से दरिंदगी और पूर्व मंत्री पर हमले से उबाल, जौनपुर से भदोही तक सड़कों पर उतरा विश्वकर्मा समाज

 

​SIT जांच और 50 लाख मुआवजे की मांग; समाज ने दिया 5 दिन का अल्टीमेटम, वरना घेरेंगे मुख्यमंत्री आवास

जौनपुर/गाजीपुर

गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कटरिया में नाबालिग बेटी निशा विश्वकर्मा के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के मामले ने अब प्रदेश व्यापी तूल पकड़ लिया है। इस घटना और पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा व समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए जानलेवा पथराव के विरोध में शुक्रवार को जौनपुर कलेक्ट्रेट में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। ‘देवदूत विश्वकर्मा सेना’ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने साझा मोर्चा खोलते हुए शासन-प्रशासन को 5 दिन की मोहलत दी है।

​जौनपुर: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

​जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में विश्वकर्मा समाज के लोग एकत्र हुए और डीएम कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदेश सचिव अजय विश्वकर्मा ने कहा कि जिस तरह से नाबालिग की हत्या कर शव गंगा में फेंका गया और बाद में सांत्वना देने पहुंचे नेताओं पर पुलिस की मौजूदगी में हमला हुआ, वह कानून व्यवस्था की विफलता है। समाज ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच SIT (एसआईटी) से कराई जाए ताकि स्थानीय प्रभाव को खत्म कर निष्पक्ष न्याय मिल सके।

​भदोही-गाजीपुर: 5 दिन का अल्टीमेटम, ‘लखनऊ कूच’ की तैयारी

​देवदूत विश्वकर्मा सेना के जिलाध्यक्ष किरण विश्वकर्मा (करन) ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश का विश्वकर्मा समाज लामबंद होकर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा का घेराव करेगा। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबंगों के दबाव में आकर पीड़ित परिवार की तहरीर बदलवाने की कोशिश की है।

: इंसाफ के लिए 10 बड़ी मांगें

  1. फांसी की सजा: हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तत्काल फांसी दी जाए।
  2. मुआवजा: पीड़ित परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
  3. निलंबन: लापरवाही बरतने वाले करंडा थाना प्रभारी (SHO) और सीओ (CO) को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
  4. SIT जांच: पूरे घटनाक्रम और पथराव की जांच विशेष जांच दल (SIT) या CB-CID से हो।
  5. हत्या का प्रयास: पूर्व मंत्री पर हमला करने वालों पर BNS की धारा 102 के तहत केस दर्ज हो।
  6. मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: दंगा भड़काने वाले प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह की फौरन गिरफ्तारी।
  7. आवास व सुरक्षा: परिवार को सुरक्षित आवास हेतु भूमि और घर पर CCTV कैमरे लगाए जाएं।
  8. सुरक्षा: पीड़ित परिवार को चौबीस घंटे पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
  9. फर्जी मुकदमे: पत्रकारों और प्रतिनिधिमंडल पर लगाए गए फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
  10. कठोर कार्रवाई: पथराव करने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए।

 

​क्या था पूरा मामला?

​गाजीपुर के कटरिया गांव में नाबालिग निशा विश्वकर्मा के साथ दरिंदगी के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए शव नदी में फेंका गया। जब पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा प्रशासन की अनुमति लेकर गांव पहुंचे, तो वहां पुलिस की मौजूदगी में उन पर भीषण पथराव हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। समाज का आरोप है कि पुलिस उस वक्त मूकदर्शक बनी रही, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हुए।

अपील: प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राज्यपाल से गुहार लगाई है कि जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी किसी बेटी के साथ दरिंदगी न हो सके।

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Author: fastblitz24

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