मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बांटे ORS के पैकेट

जौनपुर मेडिकल कॉलेज में हीटवेव से बचाव को लेकर संगोष्ठी
विशेषज्ञों ने कहा— बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं बरतें विशेष सतर्कता
जौनपुर।

प्रदेश में सूर्यदेव के तीखे तेवरों के बीच हीटवेव (लू) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में आमजन को जागरूक करने के लिए जौनपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य प्रो. आर. बी. कमल एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए. ए. जाफरी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने लू के खतरों, लक्षणों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान अस्पताल में आए मरीजों और उनके तीमारदारों को निःशुल्क ओआरएस (ORS) के पैकेट भी बांटे गए।


धूप में निकलने से पहले पीएं भरपूर पानी
संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. आर. बी. कमल ने कहा कि इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें। हर व्यक्ति को दिनभर में कम से कम 4 से 5 लीटर पानी पीना चाहिए।
बचाव के अचूक उपाय:
- घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी या ओआरएस का घोल पीकर ही निकलें।
- तेज धूप में जाते समय सिर और शरीर को सूती कपड़े से ढककर रखें।
- दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर घूमने से बचें।
थर्मामीटर की सीमा से पार पहुंच रहा है शरीर का तापमान
जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ने एक चौंकाने वाली बात सामने रखी। उन्होंने बताया कि हीट वेव के प्रभाव से कई बार मरीज के शरीर का तापमान सामान्य थर्मामीटर की रीडिंग सीमा से भी ऊपर पहुंच जाता है, जो कि ‘हीट स्ट्रोक’ की बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने सचेत किया कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह मौसम बेहद संवेदनशील है। तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, पेट दर्द या बेहोशी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर दोहरा खतरा
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. ए. ए. जाफरी और पीडियाट्रिक विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अरविन्द यादव ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इस मौसम में सबसे सॉफ्ट टारगेट होते हैं।
- बच्चों में लक्षण: बच्चों में लू लगने पर तेज बुखार, सुस्ती, उल्टी, शरीर में पानी की कमी और झटके आने की समस्या हो सकती है। बच्चों को लगातार तरल पदार्थ देते रहें।
मुफ्त दवाओं के साथ अलर्ट पर डॉक्टर
अस्पताल प्रबंधन ने साफ किया कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और फार्मासिस्ट हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और अस्पताल में मरीजों के लिए निःशुल्क दवाएं उपलब्ध हैं।
इस संगोष्ठी का सफल संचालन डॉ. विनोद कुमार ने किया। कार्यक्रम में डॉ. ले. क. सी. बी. एस. पटेल, डॉ. सरिता पाण्डेय, डॉ. अरविन्द पटेल, डॉ. चन्द्रभान, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. मुदित चौहान, डॉ. बृजेश कन्नौजिया, डॉ. रेनू, डॉ. नाजिया, डॉ. जयन्त, डॉ. संदीप सिंह सहित भारी संख्या में चिकित्साकर्मी, मरीज और उनके परिजन उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24


