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रेलवे लाइन के दोहरीकरण से कटी राह; ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद लखनऊ मंडल के DRM ने दिया जल्द समाधान का भरोसा

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किसान मंडी, अस्पताल और ब्लॉक जाने का इकलौता रास्ता बंद; डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को मौके पर बुलाकर सौंपा ज्ञापन
जौनपुर | मुंगराबादशाहपुर के पकड़ी गांव के ग्रामीणों ने रेलवे लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के कारण आ रही आवागमन की समस्या को लेकर मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में महिला व पुरुष ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द अंडरपास बनाने की मांग की।

दो हिस्सों में बंटा गांव; स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन के कारण उनका गांव दो हिस्सों में बंट गया है। गांव के एक तरफ आबादी है, तो दूसरी तरफ किसान मंडी, सरकारी अस्पताल, ब्लॉक, स्कूल और मुख्य बाजार स्थित हैं। अंडरपास न होने की वजह से रोज सैकड़ों ग्रामीणों, बच्चों और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार करनी पड़ती है।


ग्रामीणों की परेशानी: “यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को होती है। बारिश के दिनों में तो ट्रैक पार करना दलदल और फिसलन के कारण नामुमकिन हो जाता है।”
डीआरएम बोले- सर्वे कराकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है प्रस्ताव
ग्रामीणों की शिकायत और मौके की गंभीरता को देखते हुए डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस जगह का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। जल्द ही इस पर सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।
इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से अशोक कुमार सिंह, जीत लाल विश्वकर्मा, पूर्व प्रधान भोलानाथ, संजय कुमार, सुनील कुमार, नागेंद्र कुमार पटेल, रमेश पटेल, मोहनलाल पटेल, छोटेलाल विश्वकर्मा, अरुण कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह और संतोष सोनी समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
Author: fastblitz24


