Fastblitz 24

जौनपुर: औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध, ग्रामीणों ने राज्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

H

5 गांवों के किसानों का फूटा गुस्सा; बोले- 1976 एकड़ उपजाऊ जमीन गई तो 15 हजार की आबादी के सामने खड़ा होगा रोजी-रोटी का संकट

जौनपुर। विकास खंड करंजाकला क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। चौंदीगहना, भकुरा, चकवा, आरा और दुधौरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के मुख्य कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और इस कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अधिग्रहण नहीं रुका, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​प्रशासन पर मनमानी का आरोप: बिना सहमति भेजा प्रस्ताव

​ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने किसानों को भरोसे में लिए बिना और उनकी सहमति के बगैर ही भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रभावित होने वाले अधिकांश किसान छोटे और सीमांत श्रेणी के हैं, जिनके पास आजीविका का एकमात्र साधन यही खेती है।

15 हजार की आबादी पर पलायन का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 1976 एकड़ बेहद उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अगर यह जमीन हाथ से निकल गई, तो क्षेत्र के लगभग 15 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उनके सामने भूमिहीनता, बेरोजगारी और पलायन का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

 

​’शहरी क्षेत्र के पास उद्योग लगाने से बढ़ेगा प्रदूषण’

​ज्ञापन सौंपने आए ग्रामीणों ने तर्क दिया कि यह पूरा इलाका नगर पालिका सीमा के बिल्कुल नजदीक है और भविष्य में इसका शहरी क्षेत्र में शामिल होना तय है। ऐसे में घनी आबादी के पास औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने से भारी प्रदूषण फैलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बेहद बुरा असर पड़ेगा।

​सैकड़ों किसानों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, राज्यमंत्री ने दिया आश्वासन

​भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों ने एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया। इसके बाद अजीत सिंह, सुजीत सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह, भोलाराम, शिवनाथ प्रसाद, धर्मेंद्र सिंह और स्वतंत्र सिंह समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण राज्यमंत्री के दफ्तर पहुंचे।

मंत्री का बयान:

शिकायत सुनने के बाद राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ग्रामीणों को शांत कराया और आश्वासन देते हुए कहा—

​”अगर किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहते और उनकी इच्छा है कि इस औद्योगिक क्षेत्र को किसी दूसरी जगह स्थापित किया जाए, तो इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होगी।”

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज