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केराकत में भड़के लोग, DRM का घेराव कर बोले- ‘दिल्ली-लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं, यह केराकत के साथ सौतेला व्यवहार’

​खाकी और रेल प्रशासन के सामने गूंजी जनता की आवाज: रेलवे संघर्ष समिति ने सौंपा मांगों का पुलिंदा, एडवोकेट गांगुली बोले- ‘गाजीपुर और मऊ एक्सप्रेस का ठहराव नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन’

केराकत (जौनपुर)।

रेलवे प्रशासन की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की सुस्ती के खिलाफ आज केराकत की जनता का गुस्सा फूट पड़ा। गोरखपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) जब लाव-लश्कर के साथ केराकत रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो स्थानीय नागरिकों और रेलवे संघर्ष समिति के नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया। स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं और स्वच्छता के दावों की पोल खोलते हुए जनता ने साफ शब्दों में कहा कि सुविधाओं के नाम पर केराकत को सिर्फ आश्वासन मिला है, विकास नहीं।

​निरीक्षण के दौरान रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार कमलापुरी के नेतृत्व में भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने डीआरएम का घेराव किया और क्षेत्र की दशकों पुरानी रेल समस्याओं को लेकर एक तीखा ज्ञापन सौंपा।

​राजधानी से कटा है केराकत, व्यापारी और छात्र बेहाल

​डीआरएम के सामने क्षेत्र की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सोनकर गांगुली ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा, “यह बेहद शर्मनाक और खेद का विषय है कि आजादी के इतने साल बाद भी केराकत रेलवे स्टेशन से न तो देश की राजधानी नई दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन है और न ही प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए कोई रेल संपर्क है। आखिर यहां की जनता कब तक उपेक्षा का शिकार होती रहेगी?”

​उन्होंने सीधे तौर पर मांग की कि गाजीपुर सिटी–आनंद विहार एक्सप्रेस और मऊ–आनंद विहार एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें जो दिल्ली और लखनऊ को जोड़ती हैं, उनका ठहराव तुरंत केराकत स्टेशन पर किया जाए। अगर इन ट्रेनों को यहां नहीं रोका गया तो हजारों छात्रों, व्यापारियों और मरीजों के हक पर डाका पड़ता रहेगा, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​’सिर्फ फाइलों में न रहे विकास, धरातल पर दिखे काम’

​संघर्ष समिति ने साफ चेतावनी दी है कि वे अब और खोखले आश्वासन नहीं सुनेंगे। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पिंकू कमलापुरी और सुभाष यादव फौजी ने कहा कि केराकत स्टेशन को सिर्फ कागजों पर आदर्श स्टेशन न बनाया जाए, बल्कि प्लेटफार्म की ऊंचाई, पीने के पानी की व्यवस्था और छांव के लिए शेड का काम तुरंत शुरू हो।

डीआरएम को दी गई चेतावनी:

रेलवे संघर्ष समिति ने दो टूक कहा है कि अगर जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो क्षेत्र की जनता रेल प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।

 

​मौके पर डटे रहे ये दिग्गज और पत्रकार

​इस बड़े विरोध और ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान हंस कुमार सोनकर ‘मकालू’, वकील अंसारी, शहीद खान, संजय कसौधन, अशफाक खान, सुनील सोनकर, विशाल साहू, नसीम अहमद, नितिन सोनकर, अशोक गुप्ता, दयाराम गुप्ता समेत सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं, जनता की इस आवाज को उठाने के लिए मीडिया जगत से पत्रकार दिलीप विश्वकर्मा (दैनिक जागरण) और केदार कमलापुरी संजय (हिंदुस्तान) सहित अन्य पत्रकार बंधु भी मुस्तैद रहे।

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Author: fastblitz24

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