वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठान के साथ सत्र की शुरुआत

शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया गया
जौनपुर। गांधी स्मारक पी.जी. कॉलेज, समोधपुर में गुरुवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ अत्यंत गरिमामयी और पारंपरिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधानपूर्वक आयोजित पूजा-अनुष्ठान के साथ हुई, जिसमें महाविद्यालय परिवार ने नए सत्र के सफल और ज्ञानपूर्ण संचालन की कामना की।

परंपरा और आध्यात्मिकता का संगम


समारोह का औपचारिक उद्घाटन माँ सरस्वती और अवधूत भगवान राम के पूजन तथा दीप प्रज्वलन से किया गया। इस अवसर पर ‘अघोरान्न परो मन्त्रो नास्ति तत्त्वं गुरोः परम्’ मंत्र के सस्वर पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक गौरव के प्रति सम्मान का भाव जागृत करना था।
अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण पर जोर
महाविद्यालय के प्रबंधक हृदय प्रसाद सिंह ‘रानू’ तथा प्राचार्य प्रोफेसर रणजीत कुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा की व्यापक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व के समग्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है।
प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समयबद्धता और अनुशासन का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “पूर्ण समर्पण और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है। हमें उम्मीद है कि यह शैक्षणिक सत्र महाविद्यालय के लिए नई उपलब्धियों का आधार बनेगा।”
सामुदायिक सहभागिता
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ मिलकर शैक्षणिक सत्र की निरंतर प्रगति और महाविद्यालय की उन्नति के लिए मंगलकामना की।
Author: fastblitz24



