उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
पुरानी पेंशन व सेवा सुरक्षा की मांगों पर भी हुई चर्चा

लखनऊ/जौनपुर। उत्तर प्रदेश में सेवारत नॉन-टीईटी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ‘विशेष टीईटी’ (शिक्षक पात्रता परीक्षा) जल्द आयोजित कराने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और प्रदेश महामंत्री उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से मुलाकात की।

यूपीटेट परिणाम के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शिक्षकों की सेवाओं को सुरक्षित रखने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 16 जून के शासनादेश के आलोक में यूपीटेट परीक्षा का परिणाम इसी माह के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा। इसके उपरांत, शेष बचे नॉन-टीईटी शिक्षकों से आवश्यक सूचनाएं मंगाकर विशेष टीईटी परीक्षा का आयोजन अति शीघ्र कराया जाएगा।


शिक्षक संघ ने जताया आभार
प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू (MoU) जैसे कल्याणकारी निर्णयों के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान सरकार शिक्षकों के हितों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पुरानी पेंशन और 69,000 भर्ती पर प्रभावी मांग
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की अन्य प्रमुख समस्याओं को लेकर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- 1 अप्रैल 2005 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ प्रदान करना।
- मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) योजना के खातों का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से सुनिश्चित करना।
- 69,000 शिक्षक भर्ती में नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को हर हाल में सुरक्षित रखना।
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय संयुक्त महामंत्री डॉ. अमित सिंह, मंडलीय मंत्री अजय शुक्ला, जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह, जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण दुबे, अमित कुमार मिश्रा, राजेश सिंह ‘टोनी’, बलवंत सिंह, कुलदीप पाठक, संदीप शुक्ला सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि शामिल रहे।
Author: fastblitz24


