जौनपुर:।भारत के मानसपुत्रों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने वाला और ‘छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति’ में रूपांतरित करने वाला देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आज अपने गौरवशाली 78 वर्षों की यात्रा का साक्षी बना। 9 जुलाई को स्थापना दिवस के पावन अवसर पर जौनपुर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों—मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, तिलकधारी महाविद्यालय (टीडी कॉलेज), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दलगत राजनीति से परे, राष्ट्र सर्वोपरि


स्थापना दिवस के इन कार्यक्रमों में सर्वत्र एक ही स्वर गूँजा—“राष्ट्र निर्माण ही हमारा ध्येय है।” कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जिला प्रमुख प्रोफेसर डॉ. हरिओम त्रिपाठी ने ओजस्वी उद्बोधन देते हुए कहा:
“अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण की एक जीवंत चेतना है। हम दलगत राजनीति की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर भारत माता की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। ज्ञान, शील और एकता हमारा त्रिसूत्र है, जो आज के युवाओं को दिशा प्रदान कर रहा है।”
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
इस गरिमामयी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधायक डॉ. हरेंद्र देव ने संगठन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद आज के युग में युवाओं के लिए दिशा-दिग्दर्शक और प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को राष्ट्र के उत्थान में नियोजित करें।
अध्यक्षीय उद्बोधन एवं संकल्प
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अब्दुल कादिर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में उपस्थित छात्र-छात्राओं का हृदय से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रव्यापी संगठन से जुड़कर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी आहुति दें। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मिलित हुए सभी अतिथियों और राष्ट्रभक्त विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रशक्ति का शंखनाद:
78 वर्षों की निरंतर सेवा साधना के उपरांत, विद्यार्थी परिषद आज भी उन्हीं मूल्यों के साथ खड़ा है, जहाँ ‘स्व’ से पहले ‘राष्ट्र’ का स्थान है। स्थापना दिवस के इस आयोजन ने जौनपुर के युवाओं में एक नई ऊर्जा और राष्ट्र सेवा का संकल्प पुनः जाग्रत किया है।
Author: fastblitz24


