जौनपुर | NEET (नीट) परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में देश भर के छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश चरम पर है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन द्वारा देर रात कई कांग्रेस नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। इसी कड़ी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. प्रभात विक्रम सिंह को भी रात में उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। अपने तमाम साथियों और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने व आवाज दबाने के प्रयासों से नाराज डॉ. प्रभात विक्रम सिंह दोपहर में पुलिस की बंदिशों के बावजूद अकेले ही बक्शा ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप बैठकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
डॉ. प्रभात विक्रम सिंह ने पुलिस प्रशासन और सरकार के इस रवैये को “तानाशाही” करार दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की जायज मांगों को दबाने के लिए नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है। विरोध दर्ज कराने के बाद उन्होंने बक्शा के खंड विकास अधिकारी (BDO) के माध्यम से भारत के माननीय प्रधानमंत्री के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।इस दौरान तमाम बंदिशों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता चंद्रजीत गुप्ता भी उनके साथ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




