जौनपुर के सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज में माल्यार्पण व सभा का हुआ आयोजन; वक्ताओं ने कहा— शोषणमुक्त और समाजवादी भारत का आजाद का सपना आज भी अधूरा
विशेष संवाददाता
जौनपुर (उत्तर प्रदेश), 23 जुलाई 2026
अखिल भारतीय ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने गुरुवार को स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की 95वीं जयंती के अवसर पर बदलापुर स्थित सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर माल्यार्पण कार्यक्रम और एक सभा (गेट मीटिंग) का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने आजाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव दिलीप कुमार ने चंद्रशेखर आजाद के ऐतिहासिक योगदान और उनके विचारों की वर्तमान प्रासंगिकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के भाबरा में जन्मे आजाद ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जो हर प्रकार के शोषण से मुक्त हो।
कुमार ने कहा, “क्रांतिकारियों का अंतिम उद्देश्य केवल ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फेंकना नहीं था, बल्कि भारत को एक समाजवादी राष्ट्र बनाना था। इसी वैचारिक लक्ष्य के तहत 1928 में वे ‘हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HSRA) के कमांडर-इन-चीफ चुने गए थे।” उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आजादी के सात दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी क्रांतिकारियों के पूर्ण सामाजिक-आर्थिक न्याय के सपने अधूरे हैं।
27 फरवरी 1931 को प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश पुलिस के साथ हुए सशस्त्र संघर्ष में आजाद के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए राज्य सचिव ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती सामाजिक और शैक्षिक चुनौतियों से निपटने के लिए युवाओं को क्रांतिकारियों के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर संगठन के जौनपुर जिला संयोजक संतोष कुमार, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, दीपचंद, चंद्रिशा, श्रीकांत सहित कई कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।





