जौनपुर। विकासखंड करंजाकला के ग्राम पंचायत खतीरपुर भैंसा स्थित अस्थाई गौशाला में मवेशियों की मौत की खबर का जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पीयूष त्रिपाठी के निर्देश पर पशुधन प्रसार अधिकारी मानवेंद्र कुमार सिंह और एनजीओ के कोषाध्यक्ष विजय प्रताप यादव की टीम ने गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गौशाला में केवल एक मवेशी की मृत्यु होने का मामला सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पांच कमजोर मवेशियों को गौशाला में लाया गया था, जिनमें से तीन का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही एक मवेशी की मौत हुई। बरसात के कारण पहले से तैयार गड्ढे में पानी भर जाने से शव के निस्तारण में थोड़ी देरी हुई, जिसे बाद में जेसीबी से नया गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया।
गौशाला में नई मिट्टी पड़ने और बारिश का पानी भरने से कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसके समाधान के लिए तत्काल खड़ंजा बिछाने का कार्य शुरू करा दिया गया है। जांच टीम को मौके पर 8 कुंतल भूसा, 8.5 कुंतल चोकर और 5 कुंतल हरा चारा उपलब्ध मिला। इसके अलावा सभी पशुओं का खुरपका-मुंहपका टीकाकरण भी पूर्ण कराया जा चुका है। टीम ने उच्च अधिकारियों को मौखिक रिपोर्ट देते हुए स्पष्ट किया कि क्षेत्र में संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
अधिकारी का बयान:
”मेरे सामने जैसे ही मामला आया, मैंने तत्काल फौरी तौर पर जांच-पड़ताल करवाई। मौके पर स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि केवल एक मवेशी की मृत्यु हुई थी, जबकि अन्य तीन का उपचार जारी है। बारिश की वजह से कीचड़ व जलजमाव की समस्या थी, जिसे ठीक किया जा रहा है। संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।”
— पीयूष त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी (करंजाकला)




