35,035 पार्थिव शिवलिंगों का हुआ विधिवत पूजन; काशी, अयोध्या व प्रयागराज से पधारे वैदिक आचार्यों ने नमक-चमक विधि से कराया अनुष्ठान
( विशेष संवाददाता)
जौनपुर (02 अगस्त 2026): नगर के रसमंडल स्थित प्रसिद्ध बड़े श्री हनुमान जी मंदिर परिसर में रविवार को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम वातावरण देखने को मिला। पंडित बांके महाराज ज्योतिष संस्थान के तत्वाधान में आचार्य (डॉ.) रजनीकांत द्विवेदी के पावन सानिध्य में 35,035 पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं महारुद्राभिषेक का विशाल आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

”मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम ने भी किया था पार्थिव पूजन”
शिव उपासना के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्य संरक्षक आचार्य (डॉ.) रजनीकांत द्विवेदी ने कहा कि कलयुग में पार्थिव शिवलिंग का पूजन अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी है। उन्होंने उल्लेख किया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम ने भी लंका विजय से पूर्व समुद्र तट पर बालू का शिवलिंग बनाकर पूजन किया था।
विभिन्न मनोकामनाओं हेतु अभिषेक का विधान:
- वर्षा हेतु: जल से
- पुत्र प्राप्ति हेतु: गाय के दूध से
- लक्ष्मी (समृद्धि) हेतु: ईख (गन्ने) के रस से
- कल्याण हेतु: घृत (घी) से
- पाप क्षय हेतु: मधु (शहद) से
- व्याधि शांति हेतु: कुश के जल से
त्रिविध पापकर्मों से मिलती है मुक्ति
आचार्य द्विवेदी ने बताया कि कलयुग में सर्वप्रथम कुष्मांड ऋषि के पुत्र मंडप ऋषि ने जगत कल्याण के लिए पार्थिव शिवलिंग बनाकर शिवार्चन किया था। शास्त्रों के अनुसार, केवल भगवान सदाशिव रुद्र के पूजन से समस्त देवी-देवताओं की पूजा स्वतः संपन्न हो जाती है। श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग की स्थापना और रुद्राभिषेक करने से साधक के जन्मांतर के पाप भस्म हो जाते हैं और उसमें शिवतत्व का उदय होता है।
नमक-चमक विधि से गूंजे वेद मंत्र
कार्यक्रम की शुरुआत पार्थिव शिवलिंगों की प्राण-प्रतिष्ठा से हुई। इसके पश्चात काशी, अयोध्या और प्रयागराज से आए विद्वान वैदिक आचार्यों के निर्देशन में यजमानों ने नमक-चमक विधि से महारुद्राभिषेक संपन्न किया। तत्पश्चात भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ।
प्रमुख यजमानों व गणमान्य जनों की रही उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में प्रमुख यजमान के रूप में विवेक पाठक, शशांक सिंह रानू, नीरज उपाध्याय, जे.पी. सिंह, राजेश अर्चना सिंह, संजय सिंह (सिद्दीकपुर), रत्नेश सिंह, डॉ. आर.पी. गुप्ता, सी.ए. संजय गुप्ता, सुनील सेठ, निकेश सेठ, विक्की सेठ, पुष्पा सेठ, गिरीश राय, अनिल सिंह, संदीप राय, हेमंत श्रीवास्तव, अजय सिंह भदेवरा, दीपक श्रीवास्तव, महेश सेठ, नितिन द्विवेदी सहित अनेक विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष शशांक सिंह ‘रानू’, पं. निशाकांत द्विवेदी, पं. रौनक शुक्ला, डॉ. गंगाधर शुक्ला, डॉ. दिव्येंदु मिश्र, महंत राम रतन दास, मनोज पुजारी, भरत पुजारी सहित संस्थान के सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा।




