पत्रकार सूचना एकत्रित करता है, हम उन सूचनाओं पर काम करते हैं: सीओ देवेश सिंह
जौनपुर में ग्रा प ए के संस्थापक बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि पर जुटे देश के ‘चौथे स्तंभ’ के सिपाही, दी भावभीनी श्रद्धांजलि
जौनपुर (ब्यूरो): ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि बुधवार को नगर के एक स्थानीय होटल में बेहद श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान उपस्थित पत्रकार बंधुओं ने संस्थापक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्वरांजलि दी। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य लोगों द्वारा बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

अनीति और अन्याय के खिलाफ हमेशा बुलंद रही बालेश्वर जी की लेखनी: मुख्य राजस्व अधिकारी
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) अजय अंबष्ट ने कलमकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबू बालेश्वर लाल अपने निश्चय के बेहद धनी व्यक्ति थे। उन्होंने कहा:


”यदि बालेश्वर जी किसी बात का विरोध कर लेते, तो चाहे परिस्थितियां कुछ भी हों, वह पीछे हटना नहीं जानते थे। अनीति और अन्याय तो उन्हें किसी भी दशा में स्वीकार नहीं था। वह अपनी लेखनी के बल पर हमेशा अन्याय, अत्याचार और शोषण की नीति का पुरजोर विरोध करते रहे।”
अजय अंबष्ट ने आगे कहा कि बालेश्वर जी ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों के बीच खुद गांव-गांव जाकर उन्हें संगठन से जुड़ने का आह्वान करते थे। वह बहुत ही भावुक और उदार प्रकृति के व्यक्ति थे, जिनकी बातों का पत्रकारों पर गहरा असर पड़ता था। वे ही पत्रकारों के असली रहनुमा थे।
हमारा और पत्रकारों का चोली-दामन का साथ: क्षेत्राधिकारी सदर
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद क्षेत्राधिकारी (CO) सदर देवेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की खबरों और जनसमस्याओं को सामने लाने का मुख्य दायित्व ग्रामीण पत्रकारों के कंधों पर ही होता है। उन्होंने पत्रकारिता और पुलिस प्रशासन के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा:
”प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में संवेदनशीलता होती है। मानव मन में बसी इस संवेदना को स्वाभाविक रूप से जगाने से ही सेवा की मानसिकता बनती है। पत्रकार का काम जमीनी स्तर से सूचनाएं एकत्रित करना है और हम प्रशासनिक अधिकारी उन सूचनाओं पर काम करते हैं।”
मात्र 7 साथियों के साथ रोपा था पौधा, आज बन चुका है विशाल वटवृक्ष
जिलाध्यक्ष संजय अस्थाना ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए बाबू बालेश्वर लाल के जीवन परिचय और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। संगठन के संरक्षक डॉ. राम सिंगार शुक्ल ‘गदेला’ ने बालेश्वर जी के विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका मानना था कि हमारा व्यवहार ही सबसे बड़ा महत्व रखता है। अपने व्यवहार से असाध्य को भी साध्य किया जा सकता है।
वहीं, मंडल उपाध्यक्ष दया शंकर निगम ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि बाबू जी दृढ़ इच्छाशक्ति के मालिक थे। साल 1982 में उन्होंने बलिया के अपने निवास स्थान गड़वार में मात्र सात पत्रकार साथियों के साथ इस ग्रामीण पत्रकारिता की नींव रखी थी, जो आज एक विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है।
इन दिग्गजों ने भी व्यक्त किए अपने विचार
कार्यक्रम के दौरान संरक्षक श्याम रतन श्रीवास्तव व जय आनंद ने भी अपने विचार साझा किए। महामंत्री लक्ष्मी नारायण मौर्या, विवेक श्रीवास्तव और आशीष पांडेय ने बाबू जी को एक जुझारू व्यक्तित्व और कर्मठ पत्रकार बताया। उपाध्यक्ष प्री. आशाराम एवं प्रमोद जायसवाल ने संगठन की प्रगति पर गर्व जताते हुए उम्मीद जताई कि यदि ग्रापए की यही रफ्तार रही, तो एक दिन यह देश का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन बनेगा। वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश मिश्रा ने पत्रकारों में राष्ट्रप्रेम, भावनात्मक एकता, लोक कल्याण और लेखनी की सत्यता बनाए रखने का संदेश दिया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम का सफल संचालन संगठन मंत्री प्रशांत विक्रम सिंह ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह, सुशील स्वामी, राजेश श्रीवास्तव, राजेश मौर्य, विद्याधर राय विद्यार्थी, श्रमित सोनू उपाध्याय, बुद्धि प्रकाश तिवारी, संदीप राय, अरशद अब्बास, मो. शारिक खान, आबिद इमाम, तबरेज़ नियाजी, मो. असलम, भोला विश्वकर्मा, बख्तियार आलम, मेवा लाल यादव, गोरख सोनकर, रजनी सोनी, पंकज प्रजापति सहित भारी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।
Author: fastblitz24



