लघु शोध के नाम पर 40% परीक्षकों पर लगा ‘आर्थिक शोषण’ का गंभीर आरोप; बोले प्रबंधक—मांगें नहीं मानी तो ठप करेंगे परीक्षाएं, सरकार तक जाएगी गूंज
(ब्यूरो). जौनपुर

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था और परीक्षकों के रवैये को लेकर कॉलेजों के प्रबंधकों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के बैनर तले जुटे प्रबंधकों ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर एक कड़ा ज्ञापन सौंपा। प्रबंधकों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय द्वारा भेजे जाने वाले करीब 40 फीसदी बाह्य परीक्षक छात्रों का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रहे हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


’लघु शोध’ के मूल्यांकन पर अड़े प्रबंधक, पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग
महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में पहुंचे प्रबंधकों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह को खरी-खरी सुनाई। प्रबंधकों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत सत्र 2025-26 के स्नातकोत्तर (MA, MSc, MCom) द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों के डिसर्टेशन (लघु शोध प्रबंध) का मूल्यांकन केवल आंतरिक परीक्षकों (Internal Examiners) से ही कराया जाए।
प्रबंधकों ने तर्क दिया कि पिछले वर्ष भी यह मूल्यांकन आंतरिक परीक्षकों से ही कराया गया था, लेकिन इस बार इसे जबरन बाह्य परीक्षकों से कराने का नियम थोपा जा रहा है।
“जब कई अन्य विश्वविद्यालयों में केवल विषम सेमेस्टर की परीक्षा बाह्य परीक्षकों से और सम सेमेस्टर की परीक्षा आंतरिक परीक्षकों से कराई जाती है, तो पूर्वांचल विश्वविद्यालय दोनों सेमेस्टरों में बाह्य परीक्षकों को भेजकर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों डाल रहा है?”
— महासंघ प्रतिनिधिमंडल
परीक्षा नियंत्रक के साथ तीखी बहस, कुलपति के पाले में गेंद
मुलाकात के दौरान माहौल काफी गर्मा गया। प्रबंधकों और परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह के बीच तीखी और गर्मजोशी से बहस हुई। प्रबंधकों के तीखे तेवरों को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक ने बैकफुट पर आते हुए आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले पर कुलपति से तत्काल वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र हित और विश्वविद्यालय हित को ध्यान में रखते हुए इस पर जल्द से जल्द अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा उग्र आंदोलन, परीक्षाएं रोकने की चेतावनी
प्रबंधक महासंघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो महाविद्यालय किसी भी हाल में प्रयोगात्मक (Practical) परीक्षाएं संपन्न नहीं कराएंगे। प्रबंधकों ने साफ कहा कि वे इस तानाशाही और शोषण की शिकायत सीधे शासन और सरकार से करने के लिए बाध्य होंगे और जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय परिसर में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
ये रहे मौके पर मौजूद:
इस आक्रोशपूर्ण घेराव के दौरान डॉ. ज्ञान प्रकाश पाठक, कमलेश यादव ‘भानु’, अमित पांडेय, पिंटू चौबे, प्रदीप पांडेय, राम दरस यादव, दिनेश यादव, प्रभाकर तिवारी, अभिनव यादव, रत्नेश तिवारी, कमलेश यादव, राजकुमार मौर्य, सुधीर यादव, जयप्रकाश सिंह, शिव कुमार, अमित सिंह और बहादुर मुन्नेलाल यादव सहित भारी संख्या में कॉलेज प्रबंधक उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24


