जौनपुर: धर्म और आस्था के रंग में रंगा जौनपुर का सिकरारा क्षेत्र। यहां के रीठी (बरातर) गांव में नव-निर्मित मां दुर्गा मंदिर की मूर्ति स्थापना से पूर्व, ग्रामीणों के सहयोग से एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। 27 पवित्र कन्याओं द्वारा निकाली गई इस यात्रा ने पूरे गांव के वातावरण को भक्तिमय बना दिया और उत्साह का संचार किया। यह आयोजन जहां ग्रामीणों की एकजुटता को दर्शाता है, वहीं मां दुर्गा के प्रति उनकी गहरी आस्था का प्रतीक भी है।

रीठी गांव में ग्रामीणों के अथक प्रयास और सहयोग से मां दुर्गा का एक सुंदर मंदिर बनवाया गया है। इस मंदिर में मूर्ति स्थापना का कार्य आगामी 9 मई को संपन्न होगा, जिसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मूर्ति स्थापना कार्यक्रम से पहले, गांव में श्रीमद् भागवत कथा का भी भव्य आयोजन किया गया है, जो भक्तों को धर्म और ज्ञान से जोड़ रहा है।
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कलश यात्रा इस धार्मिक आयोजन का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव थी। यह यात्रा रीठी गांव से शुरू हुई और भक्ति भाव के साथ आगे बढ़ते हुए लम्बोदर नाथ सई नदी घाट पर पहुंची। वहां, पवित्र सई नदी से कलश भरे गए। इसके बाद, 27 कन्याओं द्वारा पुनः कलश यात्रा निकाली गई, जो गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इन कन्याओं के सिर पर कलश धारण किए हुए चलना एक मनमोहक दृश्य था, जिसने सभी को आकर्षित किया।
इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य यजमान गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र कुमार सिंह हैं, जो इस धार्मिक अनुष्ठान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि यह पूरा कार्यक्रम किसी एक व्यक्ति या परिवार के बजाय समस्त ग्राम के लोगों के सहयोग से हो रहा है, जो गांव की एकता और सामुदायिक भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्रामीण बढ़-चढ़कर इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं, जिससे यह आयोजन और भी भव्य बन रहा है। यह कलश यात्रा न केवल मां दुर्गा के प्रति आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह गांव में सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी करती है।
Author: fastblitz24



