- जौनपुर पुलिस का इनामी ‘डैमेज कंट्रोल’! क्या खाकी के खौफ से बाहर हैं बदमाश?
जौनपुर (ब्यूरो): खेतासराय में द्वारपूजा के दौरान दूल्हे आजाद बिंद की सनसनीखेज हत्या के मामले में अब पुलिस ने ‘इनामी’ कार्ड खेला है। वारदात के बाद से ही फरार चल रहे मनबढ़ आरोपियों ने जिस तरह सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाईं, उसने पुलिसिया इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अब अपनी साख बचाने के लिए पुलिस महकमे ने मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बारात में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी के बीच गोलियां चल रही थीं, तब पुलिस का डर कहाँ था? क्या महज इनाम घोषित कर देने से जौनपुर की सड़कों पर तांडव करने वाले इन अपराधियों के हौसले पस्त होंगे? फास्ट ब्लिट्ज की टीम इस मामले पर पल-पल की नज़र बनाए हुए है।


दुस्साहस: शादी से नाराज रिश्तेदार ने रचा खूनी खेल
घटना महरौरा गांव के पास की है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रदीप बिंद, जो लड़की का दूर का रिश्तेदार है, इस शादी के खिलाफ था। इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। जैसे ही बारात गांव के करीब पहुंची, बाइक सवार हमलावरों ने दूल्हे पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घायल आजाद को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की सुस्ती या अपराधियों की चुस्ती?
इस सनसनीखेज वारदात ने जौनपुर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सरेआम भीड़ के बीच हत्या कर अपराधी बड़े आराम से फरार हो गए और ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का दावा करने वाली खाकी हाथ मलती रह गई। सवाल यह उठता है कि क्या जौनपुर में अब अपराधी इतने निडर हो चुके हैं कि उन्हें पुलिस की मौजूदगी का रत्ती भर भी डर नहीं?
इनाम का ‘झुनझुना’: 25-25 हजार घोषित, अपराधी अब भी फरार
वारदात के बाद जागे पुलिस प्रशासन ने अब अपराधियों पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद (आजमगढ़), रवि यादव (खेतासराय) और भोले राजभर (सरायख्वाजा) के खिलाफ मु.अ.सं. 90/2026 धारा- 103(1) BNS के तहत केस दर्ज किया है।
Author: fastblitz24


