सहारनपुर के औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा को जारी नोटिस पर बवाल, केमिस्ट एसोसिएशन उतरी मैदान में
एसोसिएशन का आरोप- ‘अटकलों और संभावनाओं के आधार पर थमाया गया नोटिस, निष्पक्ष जांच के बिना कार्रवाई गलत’
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगा मिलने का वक्त, पत्र भेजकर की मामले में हस्तक्षेप की मांग
सहारनपुर | औषधि विभाग और जिला प्रशासन के बीच छिड़ी खींचतान अब सीधे मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गई है। औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) कपिल शर्मा के खिलाफ हुई हालिया प्रशासनिक कार्रवाई और उन्हें थमाए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर जिले का दवा कारोबार जगत आक्रोशित हो उठा है।
केमिस्ट एसोसिएशन वेलफेयर समिति ने पूरे मामले में निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग उठाते हुए शासन के सामने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन का साफ कहना है कि नोटिस में तथ्य कम और संभावनाओं का जिक्र ज्यादा है, जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं हो सकता।
तथ्यहीन नोटिस पर उठाए सवाल: ‘आरोप स्पष्ट नहीं, सिर्फ आशंकाएं’
एसोसिएशन के संगठन मंत्री संजीव सैनी और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सीधा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि औषधि निरीक्षक के खिलाफ जारी किए गए नोटिस में ठोस और स्पष्ट आरोपों का अभाव है।
”नोटिस में कुछ बिंदुओं पर स्पष्ट आरोप नहीं लगाए गए हैं, बल्कि केवल संभावनाओं और आशंकाओं का उल्लेख किया गया है। किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम उठाने से पहले मामले की गहनता और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए।”
— केमिस्ट एसोसिएशन वेलफेयर समिति
दोषमुक्त मिलने पर तुरंत बहाली की मांग
एसोसिएशन ने राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच प्रक्रिया में औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा दोषमुक्त साबित होते हैं, तो उन्हें बिना किसी विलंब के उनके पद पर तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के अनुसार, बिना ठोस सबूतों के किसी अधिकारी को मानसिक और प्रशासनिक दबाव में लाना न्यायसंगत नहीं है।
CM योगी के दरबार में पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल, मांगा समय
मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘केमिस्ट एसोसिएशन वेलफेयर समिति’ (सहारनपुर) ने अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दरवाजा खटखटाया है।
समिति के अध्यक्ष विवेक चौहान और उपाध्यक्ष रमन कौशिक की ओर से मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र (पत्रांक: 015) प्रेषित किया गया है। पत्र के माध्यम से सहारनपुर के दवा व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने और अपनी बात रखने के लिए समय देने की अपील की है।




