जौनपुर। यूूजीसी विरोध के दौरान सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को जातिसूचक शब्द कहने के मामले में अखिल भारतीय तेली महासभा ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। बता दें कि यूजीसी को लेकर बीते कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को जातिसूचक शब्द तेली बोलकर अपमानित किया गया। इसको लेकर अखिल भारतीय तेली महासभा ने कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार के दिन महासभा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए संवैधानिक पद पर बैठे पीएम मोदी को जातिसूचक बोलने वाले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व यूजीसी कानूनों की आड़ में फेसबुक, यूट्यूब, एक्स और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित और जातिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। हालांकि ये बात सत्य है कि धर्मर्निक्ष संविधान में देश के नेता को व्यक्तिगत धर्म के मामले में साथ देने का अधिकार नहीं है। वो बिन किसी भेदभाव के देशवासियों की सेवा करते हैं।


उन्होंने जातिसूचक टिप्पणियों को प्रधानमंत्री पद की गरिमा का उल्लंघन करना बताया है। उन्होंने कहा कि यह पूरे पिछड़ा वर्ग और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान है। महासभा ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी आपत्तिजनक और विद्वेषपूर्ण सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की कि जातिगत अपशब्दों का प्रयोग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समाज में वैमनस्य फैलाने वाली ऐसी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होगा।
Author: fastblitz24



