विशेष संवाददाता

जौनपुर। नगर के कटघरा स्थित ‘ट्यूलिप हार्ट एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ में पिछले वर्ष हुई एक दुखद घटना के मामले में, लापरवाही के दोषी पाए गए दो डॉक्टरों और एक मैनेजर ने स्थायी लोक अदालत में 5.25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जमा की है। यह राशि मृतका के पति प्रदीप कुमार गौड़ को अदालत के माध्यम से चेक द्वारा प्रदान की गई।


घटना का विवरण
मामला 30 सितंबर 2025 का है, जब सुइथाकला निवासी प्रदीप कुमार गौड़ की पत्नी गुड़िया, अपनी बीमार सास की देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद थीं। अस्पताल परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी लेने के दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे वह अचेत होकर गिर पड़ीं। परिवादी का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कानूनी कार्यवाही और समझौता
मृतका के पति ने स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष लालचंद गुप्ता के समक्ष अस्पताल के डॉक्टर उत्पल कुमार शर्मा, डॉक्टर मोहसिन जफर और मैनेजर उज्जवल कुमार सिंह के विरुद्ध परिवाद दाखिल किया था। पुलिस की जांच में भी लापरवाही की पुष्टि हुई थी और न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया था।
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न्यायालय का रुख: स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप और साक्ष्यों के आधार पर विपक्षी पक्ष (अस्पताल प्रबंधन) क्षतिपूर्ति देने पर सहमत हुआ।
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क्षतिपूर्ति: कुल 5.25 लाख रुपये की धनराशि बतौर मुआवजा तय की गई, जिसे सोमवार को कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अदा किया गया।
अदालत के इस फैसले को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लोक अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।
Author: fastblitz24




