डीआरएम इंटरनेशनल स्कूल की वैन खाई में पलटी, कई बच्चे लहूलुहान: जानिए आखिर क्यों बार-बार हादसों की बलि चढ़ रहे हैं स्कूली छात्र और क्या हैं परिवहन के कानूनी नियम
🚨 “सुबह हँसते-खेलते घर से निकले बच्चे जब लहूलुहान होकर खाई से निकले, तो उठ खड़ा हुआ सबसे कड़वा सवाल—क्या हम अपने मासूमों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेज रहे हैं या मौत की खुली सवारी पर?”
जौनपुर | मुगराबादशाहपुर / सुजानगंज
जिले के मुगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर के पास बृहस्पतिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुजानगंज विकासखंड के मधपुर गांव में संचालित डीआरएम इंटरनेशनल स्कूल की वैन और एक तेज रफ्तार निजी बस के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूली वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा पलटी। हादसे में वैन में सवार कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सुजानगंज पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, एक बच्चे की हालत बेहद चिंताजनक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल जौनपुर रेफर कर दिया गया है।
मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़, आखिर कौन जिम्मेदार?
इस हादसे ने एक बार फिर निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के परिवहन में बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं और नियमों की धज्जियाँ उड़ाने की परिपाटी को उजागर कर दिया है:
- ओवरलोडिंग और बिना मानक दौड़ती गाड़ियाँ: सुजानगंज और आसपास के इलाकों में संचालित निजी स्कूल मानकों को ताक पर रखकर बच्चों का परिवहन कर रहे हैं। क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जाता है।
- चालकों की लापरवाही व अनियंत्रित रफ्तार: ग्रामीण व संपर्क मार्गों पर स्कूल वाहनों की अनियंत्रित गति और चालकों की लापरवाही पहले भी कई बार हादसों का कारण बन चुकी है।
- प्रशासनिक अनदेखी व बार-बार दोहराए जाते हादसे: क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी सुजानगंज इलाके में स्कूल वाहन अनियंत्रित होकर पलटने और हादसे शिकार होने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ढिलाई के कारण स्कूल प्रबंधन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती।
अभिभावकों में आक्रोश:
हादसे की खबर मिलते ही घबराए परिजन अस्पताल और मौके पर पहुँचे। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए अनफिट वाहनों, बिना सुरक्षा मानकों के संचालन और ओवरलोडिंग पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है।




