जौनपुर : पवित्र श्रावण मास के अवसर पर हर हर महादेव काँवरिया संघ, जफराबाद द्वारा शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा एवं काँवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरे जफराबाद बाजार में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर काँवड़ यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान काँवरिया संघ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने उनका ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया।
गोमती नदी से भरा जल, काशी विश्वनाथ धाम के लिए प्रस्थान
काँवरियों ने जफराबाद के गोमती नदी स्थित नाव घाट से पवित्र जल भरा और बाजार में पदयात्रा करते हुए बाबा काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए प्रस्थान किया।
यात्रा के दौरान मुख्य आकर्षण:
सजे-धजे रथ एवं डीजे की धुन
कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव तांडव’ की जीवंत प्रस्तुति
’हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गुंजायमान माहौल
”काँवड़ यात्रा केवल आस्था नहीं, समाज को जोड़ने की परंपरा”
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा:
”काँवड़ यात्रा केवल आस्था का आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को आपस में जोड़ने वाली एक पवित्र परंपरा है। ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से आपसी भाईचारा, सेवा भावना और सामाजिक एकजुटता मजबूत होती है। क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए मेरा सहयोग हमेशा जारी रहेगा।”
कार्यक्रम में मौजूद नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. सरफराज खान ने ज्ञान प्रकाश सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि बिना जाति-धर्म के भेदभाव के जरूरतमंदों की मदद करने वाला ऐसा सरल व्यक्तित्व आज के दौर में दुर्लभ है। यही कारण है कि जनता का उनके प्रति अटूट विश्वास है।
आयोजकों को दी बधाई
मुख्य अतिथि ज्ञान प्रकाश सिंह ने इस सफल और भव्य आयोजन के लिए संघ के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा सभी काँवरियों की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य:
अध्यक्ष: राकेश प्रजापति ‘छट्ठू’
उपाध्यक्ष: अर्जुन अग्रहरी
कोषाध्यक्ष: कमलेश प्रजापति
महामंत्री: राहुल अग्रहरी
विशेष सलाहकार: सुजीत मधुकर
मंत्री: सूरज अग्रहरी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रूपेंद्र दुबे ‘पिंटू’ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने इसे आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का एक बेमिसाल उदाहरण बताया।




