जौनपुर, | उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद स्थित काफरपुर ग्राम सभा में रविवार को निषाद समाज द्वारा महर्षि कश्यप और महाराजा निषाद जयंती बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण एकत्रित हुए और दोनों महापुरुषों को याद कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत व श्रद्धांजलि
समारोह की अध्यक्षता निषाद पार्टी के अध्यक्ष रामअजोर बिंद ने की। कार्यक्रम का आगाज महर्षि कश्यप और महाराजा निषाद राज के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर और भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं और वक्ताओं ने दोनों महापुरुषों के जीवन, उनके संघर्षों और समाज सुधार के लिए दिए गए संदेशों पर विस्तार से चर्चा की।


अखंड भक्ति और सामाजिक समरसता के प्रतीक
ककोरगहना ग्राम सभा के निषाद पार्टी के जिला सचिव रामजीत बिंद ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि कश्यप और महाराजा निषाद राज अखंड भक्ति, पूर्ण समर्पण और सामाजिक समरसता के अनूठे प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समाज पूरी निष्ठा के साथ उनके आदर्शों पर चले, तो आपसी एकता, सौहार्द और सामाजिक न्याय की एक अत्यंत मजबूत नींव रखी जा सकती है।
इतिहास और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
समिति के संयोजक सत्यदेव निषाद ने कहा कि वर्तमान समय में यह बेहद आवश्यक है कि निषाद समाज अपने महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास और योगदान को पहचाने और इसे नई पीढ़ी तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंचाए। वहीं, सेक्टर अध्यक्ष शिवराज सोनकर ने शिक्षा और संगठन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि निषाद समाज तभी वास्तविक प्रगति कर पाएगा जब वह शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता की सामूहिक ताकत को गहराई से समझेगा।
संगठन मजबूत करने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने निषाद राज और महर्षि कश्यप के दिखाए मार्ग पर चलने और समाज में जागरूकता फैलाकर संगठन को और अधिक मजबूत करने का दृढ़ संकल्प लिया। इस दौरान कमलेश बिंद, रामफेर पाल, रामलोचन, विकास, बादल, अमन सहित निषाद पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
Author: fastblitz24




