जौनपुर। 15 अगस्त के पावन अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन, जौनपुर के संरक्षक कैप्टन अजीत कुमार पाण्डेय ने समस्त देशवासियों एवं जौनपुरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
अपने विशेष संदेश में उन्होंने कहा कि आज हमें जो स्वतंत्रता प्राप्त है, वह असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और वीर सैनिकों के त्याग एवं बलिदान का परिणाम है। यह दिन केवल ध्वजारोहण या उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन अमर वीरों को नमन करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेने का अवसर है।
सैनिक परिवारों और ‘वीर नारियों’ के सम्मान की अपील
कैप्टन पाण्डेय ने समाज से एक भावुक अपील करते हुए कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
“जब एक सैनिक सीमा पर देश की रक्षा में तैनात रहता है, तब उसका परिवार पीछे रहकर अनेक कठिनाइयों का सामना करता है। विशेष रूप से सैनिक की पत्नी (वीर नारी) वर्षों तक पूरे परिवार की ज़िम्मेदारियाँ संभालती है और पति का मनोबल बनाए रखती है। इसलिए पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को समाज में वही गरिमा, विश्वास और सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वे सच्चे अधिकारी हैं। सैनिक परिवार का सम्मान करना भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है।”
संगठन का संकल्प और पाँच मुख्य सूत्र
कैप्टन अजीत कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन समाज और प्रशासन के बीच सेतु (पुल) की तरह कार्य करेगा। संगठन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुँचाने तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर समाज के समक्ष निम्नलिखित पाँच संकल्प रखे:
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राष्ट्र प्रथम: राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखना।
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सैनिक सम्मान: शहीदों और देश की रक्षा में लगे सैनिकों का आदर करना।
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पारिवारिक गरिमा: सैनिक परिवारों और वीर नारियों के सम्मान की रक्षा करना।
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युवा मार्गदर्शन: युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना का संचार करना।
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एकजुटता: समाज को अधिक संवेदनशील, सशक्त और एकजुट बनाना।
संदेश के अंत में उन्होंने जयघोष करते हुए कहा, “तिरंगा हमारी आन है, भारत हमारी शान है, और राष्ट्र की सेवा हमारा सर्वोच्च सम्मान है। जय हिन्द! वन्दे मातरम्!”




