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जौनपुर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा का नया अध्याय प्रारंभ

पहली बार हुआ स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण

राहत: अब दिल की धड़कनें संवारने के लिए नहीं जाना होगा बड़े शहर, खुटहन के 68 वर्षीय बुजुर्ग को मिला नया जीवन

ब्यूरो डेस्क

जौनपुर. जनपद के चिकित्सा क्षेत्र में मंगलवार को एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के कार्डियोलॉजी विभाग में पहली बार स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण (PPI) की सफल प्रक्रिया संपन्न की गई। इस उपलब्धि के साथ ही जौनपुर में अब हृदय रोगों के उन्नत उपचार की सुविधा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है, जिससे अब स्थानीय मरीजों को वाराणसी या लखनऊ जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

धीमी पड़ती धड़कनों को मिला सहारा

​जानकारी के अनुसार, खुटहन क्षेत्र के निवासी एक 68 वर्षीय बुजुर्ग को हृदय संबंधी गंभीर समस्या के कारण भर्ती कराया गया था। जांच में पाया गया कि मरीज की हृदय गति न केवल अनियमित थी, बल्कि खतरनाक स्तर तक धीमी हो रही थी। चिकित्सकों ने जान का जोखिम देखते हुए तत्काल स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण का निर्णय लिया।

टीम वर्क से मिली सफलता

​प्रधानाचार्य प्रोफेसर आर.बी. कमल एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर ए.ए. जाफरी के मार्गदर्शन में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आनंद कुमार सिंह व उनकी टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान पूरी सावधानी बरती गई। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकों की सघन निगरानी में है।

संस्थान का संकल्प:

“हमारी प्राथमिकता जनपद के लोगों को स्थानीय स्तर पर बड़े शहरों जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कार्डियोलॉजी टीम की यह सफलता संस्थान के विस्तार की दिशा में मील का पत्थर है।”

प्रो. आर.बी. कमल, प्रधानाचार्य

 

इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका

​इस सफल ऑपरेशन में जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार के साथ डॉ. मोहम्मद शादाब और डॉ. सिद्धार्थ कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, पेसमेकर टेक्निकल टीम में अशोक यादव, कासिफ अहमद एवं विवेक ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

फ़ास्ट ब्लिट्ज विश्लेषण: क्यों खास है यह उपलब्धि?

  1. सस्ता उपचार: स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से मरीजों के यात्रा और बड़े अस्पतालों के खर्च में भारी कमी आएगी।
  2. समय की बचत: हृदय रोगों में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व होता है, अब आपात स्थिति में मरीज को जौनपुर में ही इलाज मिल सकेगा।
  3. भरोसा: सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस स्तर की सर्जरी होने से आम जन का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास बढ़ेगा।
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Author: fastblitz24

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