जौनपुर | आर. एन. टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार को नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी के अपर आयुक्त (राज्य कर GST) ज्योति स्वरूप शुक्ल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करने के साथ ही विद्यालय के नए ‘कुलगीत’ का अनावरण भी किया गया।


मुख्य बातें:
- दीप प्रज्ज्वलन: मुख्य अतिथि ज्योति स्वरूप शुक्ल, विशिष्ट अतिथि वरुण कुमार त्रिपाठी, सतेंद्र कुमार सिंह और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मोहम्मद ज़ाहिद ने माँ सरस्वती एवं गुरुदेव टैगोर की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, टैगोर के जीवन पर आधारित नाटक, समूह गीत और मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी।
- कुलगीत का अनावरण: विशिष्ट अतिथि वरुण कुमार त्रिपाठी द्वारा स्वरचित विद्यालय ‘कुलगीत’ का अनावरण किया गया, जिसे विद्यालय परिवार ने ऐतिहासिक क्षण बताया।
- सम्मान समारोह: सत्र 2025-26 के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
अतिथियों के विचार:
मुख्य अतिथि ज्योति स्वरूप शुक्ल ने कहा कि टैगोर केवल कवि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवता के प्रतीक थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. मोहम्मद ज़ाहिद ने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के महत्व पर बल दिया। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. पी. के. सिंह ने गुरुदेव के “एकला चलो रे” के मंत्र को आत्मसात करने की प्रेरणा दी, वहीं संस्थापिका डॉ. शीला सिंह ने ‘शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए’ के मूल मंत्र को जीवन का आधार बताया।


अंत में प्रधानाचार्या प्रीति शिखा सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Author: fastblitz24



