ट्रांसफर के बाद खाली पड़ी कुर्सियां
8 की जगह सिर्फ 3 स्टाफ संभाल रहे बुकिंग, भीषण गर्मी में यात्रियों की फजीहत
ब्यूरो, जौनपुर

भारतीय रेलवे का सबसे व्यस्त ‘समर पीक सीजन’ चल रहा है, लेकिन जौनपुर जिला मुख्यालय के प्रमुख स्टेशन ‘जौनपुर सिटी’ पर रेल प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। प्रशासनिक तालमेल की कमी के कारण इस भीषण गर्मी में यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों और भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वजह है— स्टेशन के बुकिंग कार्यालय से कर्मचारियों का ट्रांसफर तो कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह नई तैनाती करना रेल प्रशासन भूल गया।


अप्रैल में रिलीव हुए कर्मचारी, जगह भरने वाला कोई नहीं
मिली जानकारी के मुताबिक, वार्षिक स्थानांतरण (एनुअल ट्रांसफर) प्रक्रिया के अंतर्गत रेल प्रशासन ने अप्रैल 2026 में यहाँ के बुकिंग कार्यालय से कई वाणिज्य कर्मचारियों का तबादला कर उन्हें कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया था। नियमतः खाली पदों पर तुरंत नए स्टाफ की नियुक्ति होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
स्टाफ का गणित: स्वीकृत पद बनाम वर्तमान स्थिति
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- स्वीकृत बुकिंग स्टाफ: 06
- स्वीकृत पीआरएस (रिजर्वेशन) स्टाफ: 02
- कुल स्वीकृत पद: 08
- वर्तमान में कार्यरत स्टाफ: सिर्फ 03
हालत यह है कि जहाँ 8 लोगों को मिलकर मोर्चा संभालना था, वहाँ आज सिर्फ 3 कर्मचारी किसी तरह काम खींच रहे हैं। इसके चलते विंडोज पर दबाव बढ़ गया है और यात्रियों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
रोजाना 2000 यात्री और 2 लाख का राजस्व, फिर भी अनदेखी
जौनपुर सिटी स्टेशन जिला मुख्यालय का मुख्य रेलवे स्टेशन है। यहाँ से रोजाना औसतन 2,000 यात्रियों का आवागमन होता है और रेलवे को प्रतिदिन लगभग ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) का बंपर राजस्व (कमाई) मिलता है।
इतना ही नहीं, इस स्टेशन पर देश और प्रदेश की राजधानी को जोड़ने वाली कई वीआईपी और प्रमुख ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें शामिल हैं:
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- श्रमजीवी एक्सप्रेस
- बेगमपुरा एक्सप्रेस
- महामना एक्सप्रेस
- सटल एक्सप्रेस
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इन बड़ी ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय स्टेशन पर अचानक भारी भीड़ उमड़ती है। समर वेकेशन (गर्मियों की छुट्टियों) के कारण ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है, और ऐसे पीक सीजन में स्टाफ की भारी कमी ने आम जनमानस और यात्रियों की मुसीबत को दोगुना कर दिया है।
यात्रियों की मांग: तुरंत भरे जाएं खाली पद
भीषण गर्मी और उमस के बीच टिकट काउंटर पर जूझ रहे यात्रियों का कहना है कि रेलवे एक तरफ तो आधुनिकता के दावे करता है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं और स्टाफ मैनेजमेंट में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि जौनपुर सिटी स्टेशन की महत्ता को देखते हुए यहाँ तुरंत नए बुकिंग और पीआरएस स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि आम जनता को इस परेशानी से राहत मिल सके।
Author: fastblitz24



