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जौनपुर में औद्योगिक गलियारे को झटका: भकुरा, चकवा समेत 5 गांवों में नहीं बनेगा प्रोजेक्ट, जमीन का चयन रद्द

जलभराव और उपजाऊ भूमि का हवाला देकर किसानों ने किया था कड़ा विरोध, विशेषज्ञों की जांच में फेल हुआ पूर्व का प्रस्ताव

 

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में औद्योगिक विकास की राह में बड़ा बदलाव हुआ है। करंजाकला विकासखंड के पांच गांवों—भकुरा, चकवा, चांदी गहना, दुधौरा और आरा में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridor) की योजना को प्रशासनिक स्तर पर निरस्त कर दिया गया है। विशेषज्ञों की जांच में इन गांवों की करीब 800 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए ‘अनुपयुक्त’ पाई गई है।

​अपर जिलाधिकारी (ADM) ने अब जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देश जारी कर नई और उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू करने को कहा है।

​किसानों की जीत: उपजाऊ जमीन बचाने के लिए था आंदोलन

​इस परियोजना के तहत चयनित गांवों के किसान लंबे समय से अपनी उपजाऊ कृषि भूमि को औद्योगिक गलियारे में दिए जाने का विरोध कर रहे थे। किसानों का तर्क था कि उनकी जमीनें अत्यंत उपजाऊ हैं, जो उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत हैं। किसानों ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव से गुहार लगाई थी और जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक ज्ञापन सौंपा था।

​क्यों फेल हुआ पुराना प्रस्ताव?

​प्रशासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम ने जब प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया, तो कई गंभीर समस्याएं सामने आईं:

  • जलभराव और जलमग्न क्षेत्र: चिन्हित भूमि का बड़ा हिस्सा जलभराव वाली स्थिति में है, जो औद्योगिक निर्माण के लिए असुरक्षित है।
  • आबादी का प्रभाव: औद्योगिक गलियारा बनने से स्थानीय रिहायशी आबादी के प्रभावित होने का खतरा था।
  • भौगोलिक बाधाएं: प्रस्तावित भूमि के बीच से नहरें गुजर रही हैं, जिससे औद्योगिक लेआउट तैयार करना चुनौतीपूर्ण था।

​नई जमीन के लिए प्रशासन की शर्तें

​प्रशासन ने भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए नई भूमि के चयन हेतु कड़े मानक तय किए हैं। सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसी जमीनें तलाशें जो:

  1. ​प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के निकट हों, ताकि आवागमन सुगम हो।
  2. ​पूर्णतः जलभराव या जलमग्न स्थिति से मुक्त हों।
  3. ​आबादी क्षेत्र से दूर हों।
  4. ​जमीन के बीच से नहर या हाई-टेंशन बिजली की लाइनें न गुजरती हों।

​किसानों में खुशी की लहर

​प्रोजेक्ट रद्द होने की जानकारी मिलते ही संबंधित गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली और खुशी जताई। किसानों ने अपनी उपजाऊ जमीन बचाने में सहयोग के लिए राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संजय सिंह, अजीत सिंह, सुजीत सिंह, राजेश सिंह, कैलाश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, राम उजागर बिंद, रामसामुज बिंद, गुड्डू राय और विवेक राय समेत बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।

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Author: fastblitz24

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