बरेली: बरेली जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि इस वर्ष अब तक मलेरिया के 1050 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि डेंगू के चार केस भी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कागजों पर तो सफाई और फॉगिंग अभियान चला रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के मामले में बरेली प्रदेश के संवेदनशील जिलों में से एक है। अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गए हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिनकी सेहत और नींद दोनों ही खराब हो रही हैं।
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मच्छरों के बढ़ते डंक के कारण लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि वर्ष 2019 में मलेरिया यहां महामारी का रूप ले चुका था। हालांकि, इस बार स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, लेकिन लापरवाही जारी रही तो खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग को इन अभियानों को कागजों से बाहर निकालकर प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है, ताकि लोगों को मच्छरों से राहत मिल सके।
Author: fastblitz24



