सड़क या मौत का कुआँ?

जर्जर खड़ंजे ने छीना ग्रामीणों का चैन, हाथ उठाकर किया प्रदर्शन

जौनपुर। जनपद के रामनगर विकास खण्ड के छत्तीसाकला गांव में विकास दावों की पोल खुल चुकी है। ग्राम प्रधान कलावती देवी और ग्राम सचिव की तानाशाही और घोर लापरवाही से नाराज ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। जर्जर और जानलेवा हो चुके खड़ंजे को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथ उठाकर अपना उग्र विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी मोटी चमड़ी ओढ़कर बैठ गए हैं और जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।

चार पहिया तो दूर, बाइक सवार भी रोजाना हो रहे लहूलुहान; हादसे को न्योता दे रहा मार्ग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी अमन सिंह और त्रिभुवन सिंह ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया:


”गांव के नहर से लेकर ठाकुर बस्ती तक का खड़ंजा पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है। इस मार्ग पर चार पहिया वाहन लाने की बात तो सोचना भी पाप है, स्थिति इतनी बदतर है कि बाइक सवार आए दिन गिरकर लहूलुहान हो रहे हैं। यह मार्ग नहीं, बल्कि दुर्घटना का अड्डा बन चुका है। लोग रोजाना अपनी जान हथेली पर लेकर इस रास्ते से गुजरते हैं।”
ग्रामीणों ने चेताया कि सामान्य दिनों में जब यह हाल है, तो बरसात के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह से टापू में तब्दील हो जाता है और पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
कागजी साबित हुआ ‘जनसुनवाई पोर्टल’: 2 साल से सिर्फ मिल रहा ‘आश्वासन का लॉलीपॉप’
ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर ज्यादा है कि वे व्यवस्था के हर दरवाजे को खटखटा चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस मार्ग की मरम्मत के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। लेकिन हर बार जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं और जनता को सिर्फ ‘आश्वासन का लॉलीपॉप’ थमा दिया जाता है। धरातल पर आज तक एक ईंट भी नहीं रखी गई।
कुंभकर्णी निद्रा में लीन जिम्मेदार: ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
गुस्साए ग्रामीणों ने सीधे शब्दों में आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक के आला अधिकारी पूरी तरह से ‘कुंभकर्णी निद्रा’ में लीन हैं। उन्हें ग्रामीणों की समस्याओं और रोज हो रहे हादसों से कोई सरोकार नहीं है। सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदकर भ्रष्टाचार और लापरवाही का खेल खेला जा रहा है।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस खड़ंजे का कायाकल्प नहीं किया गया, तो यह प्रदर्शन सिर्फ गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ब्लॉक मुख्यालय पर तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल:
इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से अमन सिंह, त्रिभुवन सिंह, अरविंद यादव, चंद्रेश यादव, भरत सिंह सहित भारी संख्या में गांव के महिला और पुरुष मौजूद रहे।
Author: fastblitz24
