Fastblitz 24

सिस्टम की बेशर्मी: 29 माह बाद भी जांच ‘जीरो’, क्या प्रधान के भ्रष्टाचार को बचा रहे हैं अफसर

जौनपुर/वाराणसी | उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों की हवा खुद सरकारी विभाग ही निकाल रहे हैं। मामला जौनपुर के सुईथाकला विकास खंड के ग्राम पंचायत पूराअसालत खां का है, जहां ग्राम प्रधान द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच फाइल धूल फांक रही है। आलम यह है कि डीएम के आदेश के करीब 29 महीने बाद भी जांच अधिकारी ने रिपोर्ट तक जमा नहीं की है।

बड़ा सवाल: आखिर जांच अधिकारी पर मेहरबान कौन?

​शिकायतकर्ता बशीर अहमद ने 24 जनवरी 2024 को शपथ पत्र के साथ तत्कालीन जिलाधिकारी को भ्रष्टाचार के गंभीर साक्ष्य सौंपे थे। इसके बाद 28 फरवरी 2024 को डीएम जौनपुर ने जांच के आदेश देते हुए ए.आर.सी.एस. (ARCS) और ए.ई. आर.ई.डी. (AE RED) को जांच अधिकारी नामित किया था। नियमतः यह जांच 6 महीने में पूरी होनी थी, लेकिन आज ढाई दो साल बीत जाने के बाद भी नतीजा सिफर है।

वाराणसी मंडल के उपनिदेशक भी हैरान, कहा- ‘संवेदनहीनता की पराकाष्ठा’

​मामला जब आईजीआरएस (IGRS) के जरिए वाराणसी मंडल तक पहुंचा, तो उपनिदेशक (पंचायत) अभय कुमार शाही ने भी विभाग की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। 20 सितंबर 2025 को जारी अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा कि “शिकायत प्राप्त होने के इतना समय बीत जाने की बाद भी जांच लंबित रहना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।”

​उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जौनपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को निर्देशित किया है कि:

  • ​तत्काल जांच आख्या प्राप्त कर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करें।
  • ​10 माह के विलंब के बावजूद अनुस्मारक (Reminder) न भेजने वाले लापरवाह पटल सहायक के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

भ्रष्टाचार में लिप्त प्रधान और सचिव को संरक्षण?

​शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव के भारी दबाव और मिलीभगत के कारण जांच को जानबूझकर रोका जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि वह विकास भवन और जिला मुख्यालय के अनगिनत चक्कर काट चुका है, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है।

फ़ास्ट ब्लिट्ज का तीखा सवाल: > क्या जौनपुर प्रशासन इतना लाचार है कि एक ग्राम पंचायत की जांच के लिए उसे दो चार साल का समय चाहिए? या फिर ‘ऊपर तक’ पहुंच के कारण फाइल को दबाने का खेल चल रहा है?

अब देखना यह है कि मंडल स्तर से पड़ी फटकार के बाद जौनपुर का जिला प्रशासन जागता है या भ्रष्टाचारियों को अभयदान मिलता रहेगा।

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज