सकारात्मक समाचार: बिखरते रिश्तों को मिली ‘मिशन शक्ति’ की संजीवनी
जौनपुर | रिश्तों में कड़वाहट और आपसी मतभेदों के दौर में जब घर टूटने की कगार पर पहुँच जाते हैं, तब समझाइश की एक छोटी सी किरण भी अंधेरे को दूर कर सकती है। कुछ ऐसा ही सकारात्मक उदाहरण पेश किया है जौनपुर के थाना पवारा की ‘मिशन शक्ति’ टीम ने, जहाँ पुलिस की संवेदनशीलता से एक उजड़ता हुआ परिवार फिर से बस गया।


काउंसलिंग से दूर हुई दिलों की दूरी
थाना पवारा क्षेत्र के ग्राम नरगहना निवासी साजरून निशा और उनके पति शहाबू के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी। विवाद इस कदर बढ़ा कि मामला थाने तक पहुँच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति फेज 5.0’ के तहत, मिशन शक्ति केंद्र पर दोनों पक्षों को बुलाया गया।


महिला आरक्षी डॉली वर्मा और श्वेता श्रीवास्तव की टीम ने केवल कानूनी चश्मे से नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य की तरह दोनों की बातें सुनीं। घंटों चली काउंसलिंग और आपसी समझाइश का असर यह हुआ कि पति-पत्नी ने पुरानी बातों को भुलाकर साथ रहने का फैसला किया।
सुरक्षा और अधिकारों का दिया ‘कवच’
समझौते के साथ-साथ पुलिस टीम ने महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए उन्हें उनके अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि मुसीबत के समय वे अकेले नहीं हैं।
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- आपातकालीन मदद: 112, 1090 (वूमेन पावर लाइन) और 181 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: सुकन्या समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
- कानूनी साक्षरता: महिलाओं से संबंधित कानूनों और साइबर सुरक्षा (1930) के प्रति भी सचेत किया गया।
प्रेरणा: “जब संवाद के रास्ते खुलते हैं, तो विवादों के ताले अपने आप टूट जाते हैं। पवारा पुलिस की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है कि हर समस्या का समाधान कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि आपसी संवाद भी हो सकता है।”
इस सफल प्रयास ने न केवल दो दिलों को जोड़ा, बल्कि समाज में पुलिस की एक मानवीय और मददगार छवि को भी सुदृढ़ किया है।
Author: fastblitz24



