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जौनपुर में मौत का ‘यूनिपोल’: विकास या विनाश?

 

फास्ट ब्लिट्ज 24: विशेष पड़ताल

 

उत्सव होटल के पास बड़ा हादसा, क्या प्रशासन सो रहा है?

जौनपुर | [29अप्रैल 2026]

​शहर में सड़कों का चौड़ीकरण हो न हो, लेकिन सड़कों के किनारे ‘लोहे के इन दैत्यों’ यानी यूनिपोल का विस्तार जंगल की आग की तरह हो रहा है। आज जौनपुर में आई आंधी ने कुदरत का कहर तो दिखाया ही, लेकिन उससे ज्यादा नगर पालिका और प्रशासन की उस लापरवाही की पोल खोल दी, जो मोटी कमाई के चक्कर में जनता की जान दांव पर लगाए बैठी है।

🚨 ब्रेकिंग: उत्सव होटल के पास मची अफरा-तफरी

​आज दोपहर आई तेज आंधी में उत्सव होटल के पास एक विशालकाय अवैध यूनिपोल भरभरा कर सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन नीचे खड़ी गाड़ियां लोहे के मलबे में तब्दील हो गईं। सवाल यह है कि अगर उस वक्त वहां कोई राहगीर होता, तो उसकी मौत का जिम्मेदार कौन होता? नगर पालिका या वो रसूखदार विज्ञापन माफिया?

⚠️ मौत को दावत देते ये यूनिपोल: 4 बड़े खतरे

  1. नियमों की सरेआम धज्जियां: नगर पालिका परिषद की गाइडलाइन कहती है कि यूनिपोल की ऊंचाई और मजबूती के मानक होने चाहिए। लेकिन हकीकत में, मानक ठेंगे पर हैं। बिना किसी सुरक्षा ऑडिट के, बाहुबलियों के संरक्षण में ये खंभे खड़े किए जा रहे हैं।
  2. विजिबिलिटी का ‘किलर’ वार: सड़कों के मोड़ और तिराहों पर लगे ये बोर्ड वाहन चालकों के लिए ‘ब्लाइंड स्पॉट’ पैदा कर रहे हैं। सामने से आ रहे वाहन दिखते नहीं और नतीजा होता है—भीषण भिड़ंत।
  3. अतिक्रमण को ऑक्सीजन: ये पोल फुटपाथों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इनके इर्द-गिर्द रेहड़ी-पटरी वाले खड़े होते हैं, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या नासूर बनती जा रही है।
  4. बाहुबलियों की ‘वॉर ज़ोन’: विज्ञापनों से होने वाली करोड़ों की काली कमाई ने शहर को बाहुबलियों की रस्साकशी का मैदान बना दिया है। अवैध कब्जे को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है।

💥 फास्ट ब्लिट्ज 24 का सीधा सवाल!

​”क्या प्रशासन किसी बड़ी लाश के गिरने का इंतज़ार कर रहा है? उत्सव होटल के पास हुआ हादसा एक चेतावनी है। अगर अभी भी इन अवैध और जर्जर स्ट्रक्चर्स को नहीं हटाया गया, तो अगली बार कुदरत नहीं, प्रशासन की लापरवाही लोगों की जान लेगी।”

 

​ तत्काल होना चाहिए :

  • ​शहर के सभी यूनिपोल की तत्काल ‘सेफ्टी ऑडिट’ हो।

  • ​नियम विरुद्ध लगे पोल को २४ घंटे के भीतर उखाड़ा जाए।

  • ​हादसे के जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर FIR दर्ज हो।

प्रशासन जागे, इससे पहले कि कोई और पोल किसी की जिंदगी निगल जाए!

ब्यूरो रिपोर्ट, फास्ट ब्लिट्ज 24

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Author: fastblitz24

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