Fast Blitz 24
कथाव्यास पं. रजनीकांत द्विवेदी ने कहा- ‘भगवान के मुख से निकली वाणी ही भागवत है’
प्रत्येक जीव में परमात्मा का दर्शन ही सच्ची भक्ति, जौनपुर के विवाह मैरेज लॉन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

जौनपुर:
नगर के एक विवाह मैरेज लॉन में शुक्रवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आध्यात्मिक और भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले दिन कथाव्यास पं. रजनीकांत द्विवेदी ने भागवत कथा की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जिस स्थान पर इस पावन कथा के आयोजन की तिथि निर्धारित हो जाती है, वह भूमि अपने आप में एक पवित्र तीर्थस्थल बन जाती है। ‘Fast Blitz 24’ के विशेष कवरेज के अनुसार, पहले ही दिन कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
भक्ति और कर्म के अनूठे आयाम
अपने सारगर्भित प्रवचन में कथाव्यास ने भक्तों की श्रेणियों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि ईश्वर के प्रति आस्था के मार्ग भले ही अलग हों, लेकिन भक्ति का मर्म एक ही है। उन्होंने बताया कि भक्तों की तीन प्रमुख श्रेणियां हैं—
- प्रथम श्रेणी में भगवान के साक्षात स्वरूप का पूजन करने वाले भक्त आते हैं।
- द्वितीय श्रेणी में भगवान की प्रतिमा का पूजन करने वाले शामिल हैं।
- तृतीय और सर्वोच्च श्रेणी वे भक्त हैं, जो सृष्टि के प्रत्येक जीव में परमात्मा का दर्शन करते हैं।
पं. द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि हर प्राणी मात्र में ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करना ही जीवन का असली उद्देश्य है।
श्रेष्ठ कर्मों से ही सार्थक होता है मानव जीवन
कर्म के सिद्धांत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीव को उसके कर्मों के आधार पर ही योनि प्राप्त होती है। बड़े ही पुण्य और प्रताप के बाद यह दुर्लभ मानव जीवन मिलता है, इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन का सदुपयोग अच्छे कर्मों में करना चाहिए। सदाचार, सेवा, सद्भाव और भक्ति ही मानव जीवन की वास्तविक पूंजी हैं।

कथा के दौरान मुख्य यजमान विमला सेठ रहीं, जबकि कथा के आरंभ से पूर्व विवेक सेठ ‘मोनू’ ने व्यासपीठ की आरती उतारकर अनुष्ठान का श्रीगणेश किया। इस अवसर पर गहना कोठी परिवार से विनीत सेठ, विशाल सेठ, विपिन सेठ सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सात दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक अनुष्ठान ने पहले ही दिन पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है।




