
जौनपुर। शनिवार को प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में जनपद की प्रतिभाशाली छात्रा यशिका गुप्ता ने अपनी प्रस्तुति और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त कर जनपद को गौरवान्वित किया है। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एआई के भविष्य पर केंद्रित इस सम्मेलन में सुश्री यशिका के विचारों को बड़ी प्रशंसा मिली।



“एआई का एकीकरण: फार्मास्युटिकल विज्ञान में बहु-विषयक दृष्टिकोण (एमएपीएस 2.0)” नामक सम्मेलन हाल ही में फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एआई की भूमिका को लेकर संपन्न हुआ। जिसमें देश और विदेश के दर्जन भर से ज्यादा वक्ताओं ने अपने विचार रखें। इस सम्मेलन में फार्मेसी, जैव प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे एआई द्वारा दवा खोज, व्यक्तिगत चिकित्सा और फार्माकोविजिलेंस जैसे क्षेत्रों में होने वाले नवाचारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जनपदएस.एन. कॉलेज ऑफ फार्मेसी की एम फार्मा फाइनल ईयर छात्रा यशिका गुप्ता ने फार्मास्युटिकल विकास में एआई के उपयोग विषयक पोस्टर वार्ता प्रस्तुत की । इस वार्ता में, उन्होंने एआई के माध्यम से नियामक निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं में सुधार के तरीकों पर चर्चा की है।

चर्चा में सुश्री गुप्ता ने एआई के उपयोग से नियामक दक्षता, सटीकता, और पूर्वानुमान में वृद्धि से फार्मास्युटिकल व्यवसाय के बेहतर प्रदर्शन और रोगी के परिणामों में सुधार की परिकल्पना प्रस्तुत की। इस पोस्टर वार्ता में, यशिका गुप्ता ने एआई के प्रमुख लाभों पर भी प्रकाश डाला है, जिनमें जोखिम मूल्यांकन सटीकता में 30% की वृद्धि, समीक्षा समय में 50% की कमी, और निर्णय-निर्माण में 25% की तेजी शामिल है।

उनकी यह पोस्टर वार्ता फार्मास्युटिकल विकास में एआई के उपयोग के महत्व को दर्शाती है।” कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देश की प्रमुख दवा निर्माता कंपनी मैनकाइंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड के इंटरनेशनल बिजनेस वाइस प्रेसिडेंट विश्वनाथ प्रसाद रहे। सम्मेलन को इराक के डॉक्टर अब्दुल समद ने भी संबोधित किया। सम्मेलन के मुख्य आकर्षणों में विशेषज्ञ प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चा, एआई-आधारित नवाचारों का प्रदर्शन और नेटवर्किंग के मौके शामिल थे।
आयोजकों का कहना है कि इस मंच ने शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों को न केवल अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया, बल्कि सहयोग के नए रास्ते भी खोले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एआई फार्मास्युटिकल विज्ञान में दक्षता बढ़ाने, लागत घटाने और मरीजों के लिए अधिक सुरक्षित और प्रभावी दवाओं का विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे बहु-विषयक सम्मेलन फार्मास्युटिकल क्षेत्र को नई दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।
Author: fastblitz24



