देश के रक्षकों का अपमान बर्दाश्त से बाहर, कैप्टन अजीत पाण्डेय बोले— वर्दी उतरी है, सीने से देशभक्ति नहीं!
- “सरहद पर सीना तानने वाले वीरों को कहा ‘शराबी’? जानिए जौनपुर के पूर्व सैनिकों के इस करारे जवाब और मांगों के बारे में, जिसने राजनीतिक गलियारों में मचा दिया है हड़कंप!”
जौनपुर। कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा पूर्व सेवानिवृत्त सैनिकों के खिलाफ कथित तौर पर ‘शराबी फौजी अंकल’ जैसी अमर्यादित व अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के बाद अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन, जौनपुर का गुस्सा फूट पड़ा है। संगठन ने इस बयान को पूरे सैनिक समाज और राष्ट्र के सम्मान पर सीधा प्रहार बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन के संरक्षक कैप्टन अजीत कुमार पाण्डेय ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाने वाले वीर जवानों के लिए ऐसे घटिया शब्दों का प्रयोग करना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह बोलने वाले की ओछी मानसिकता को उजागर करता है।
“राजनीतिक मतभेद अपनी जगह, लेकिन वर्दी का अपमान स्वीकार्य नहीं”
कैप्टन पाण्डेय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जिस सैनिक ने दुश्मन की गोलियों के सामने सीना तानकर भारत मां की रक्षा की, उसे ‘शराबी फौजी अंकल’ कहना कायरतापूर्ण राजनीति का परिचायक है। राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश के रक्षकों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सैनिक किसी राजनीतिक दल का नौकर नहीं होता, वह तिरंगे और संविधान की रक्षा की कसम खाकर सीमा पर डटा रहता है। सेवानिवृत्ति के बाद वर्दी उतरती है, सीने से देशभक्ति और अनुशासन नहीं।”
सैनिकों के संवैधानिक अधिकारों पर राजनीति न करे कोई दल
संगठन ने उन नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो पूर्व सैनिकों को राजनीति से दूर रहने की सलाह देते हैं। कैप्टन पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि पूर्व सैनिक भी देश के जागरूक नागरिक हैं। उन्हें मतदान करने, सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और अपनी राय रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। अगर किसी के बयान पर आपत्ति है तो उसका जवाब तथ्यों और तर्कों से दिया जाए, पूरे सैनिक समाज को अपमानित करके नहीं।
फास्ट ब्लड्स का सवाल और पूर्व सैनिकों की 2 प्रमुख मांगें:
- सार्वजनिक माफी: कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व इस विवादित बयान का तत्काल संज्ञान ले और संबंधित प्रवक्ता की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हुए पूरे पूर्व सैनिक समाज से बिना शर्त माफी मांगे।
- संवैधानिक विरोध की चेतावनी: यदि समय रहते इस पर कार्रवाई और माफी नहीं मांगी गई, तो पूर्व सैनिक संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
कैप्टन अजीत पाण्डेय ने दो टूक कहा—
“सैनिकों का सम्मान हमारे लिए कोई वोट बैंक या राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रश्न है। पूर्व सैनिकों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों का हम पूरी ताकत से विरोध करेंगे। अब देश के वीरों का अपमान चुपचाप सहन नहीं किया जाएगा।”




