
दिल्ली. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन सालों में सिर्फ़ छह बड़े अस्पतालों में दो लाख से ज़्यादा सांस संबंधी आपातकालीन मामले सामने आए हैं. दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण सांस लेने की समस्याओं के लिए अस्पताल जाने वालों की संख्या में तेज़ी से कैसे जुड़ा है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन सालों में सिर्फ़ छह बड़े अस्पतालों में दो लाख से ज़्यादा सांस संबंधी आपातकालीन मामले सामने आए हैं. नए निगरानी पैनल और आईसीएमआर जैसे अध्ययनों से प्रदूषण और स्वास्थ्य के बारे में क्या पता चलता है.


Author: fastblitz24



