लापरवाह प्रशासन बेखबर, गंदे पानी में तैरता ‘स्वच्छ भारत‘ का सपना
जौनपुर : दिसंबर 2019 में जब पांच ग्राम पंचायतों को मिलाकर करीब 20 हजार की आबादी वाली काजीगांव नगर पंचायत के गठन को मंजूरी मिली थी, तब जनता ने बेहतर नागरिक सुविधाओं और सुधरे जीवन स्तर के सपने देखे थे। लेकिन प्रशासनिक अनदेखी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सफाई व्यवस्था ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मानसून की शुरुआती बौछारों ने ही नगर पंचायत प्रशासन के दावों की हवा निकाल कर रख दी है।
गंदे पानी से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम
नगर पंचायत काजीगांव के वार्ड संख्या 10 (मझलेपुर) स्थित जेठपुरा मोहल्ले में स्थिति बेहद चिंताजनक है। हल्की सी बारिश होते ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और सड़कें नालियों के गंदे पानी में डूब जाती हैं। इसका सबसे भयानक दंश स्कूली बच्चों और मासूम नौनिहालों को झेलना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय और मदरसे जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी बदबूदार और दूषित पानी में से होकर गुजरने को लाचार हैं।
जिम्मेदार बेफिक्र, जनता परेशान: शिकायत के बाद भी नतीजा ‘सिफर’
स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर है। मोहल्ले वासियों का आरोप है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बने हुए हैं। जल-जमाव और नालियों की नियमित सफाई न होने की शिकायत बार-बार जिम्मेदारों तक पहुंचाई गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।




