जौनपुर: सोमवार दोपहर सिकरारा थाना क्षेत्र के रावतपुर गांव में एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे एक जर्जर कच्चे मकान के अचानक गिर जाने से 18 वर्षीय किशोरी मलबे में दबकर घायल हो गई। इस हादसे में उसका पूरा परिवार बेघर हो गया है।

हादसे के समय नरेश गौड़ की बेटी खुशी घर के अंदर मौजूद थी, तभी उनके पड़ोसी का पुराना, जर्जर कच्चा मकान उन पर आ गिरा। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर खुशी को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही 112 नंबर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किशोरी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
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मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले नरेश गौड़ के पांच बेटियों और तीन बेटों में से तीन की शादी हो चुकी है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे आज तक पक्का मकान नहीं बनवा सके। इस हादसे में उनका सारा सामान मलबे में दब गया और बारिश के इस मौसम में पूरा परिवार बेघर हो गया है।
नरेश गौड़ ने बताया कि उनके पड़ोसी महेंद्र सिंह का पुराना कच्चा मकान लंबे समय से जर्जर हालत में था, जिसे उन्होंने खाली कर दिया था। नरेश ने कई बार महेंद्र से उसे हटाने की अपील की थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। नरेश ने स्थानीय ग्राम प्रधान पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सालों से सरकारी आवास योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक कोई मदद नहीं मिली, जबकि पक्के मकान वाले लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। अब उनका परिवार बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर है।
Author: fastblitz24



