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विश्वविद्यालय की प्रगति में कर्मचारियों की कुशलता और निष्ठा सर्वोपरि: कुलपति प्रो. वंदना सिंह

जौनपुर।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को कर्मचारी नेता रमेश चंद्र यादव के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति में कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। उनकी कार्यक्षमता, कुशलता और निष्ठा ही विश्वविद्यालय को निरंतर आगे ले जाती है।

​सेवानिवृत्ति एक नई पारी की शुरुआत

​कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी नेता रमेश चंद्र यादव की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा, “कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री के रूप में रमेश चंद्र यादव की कार्य करने की दक्षता हमेशा सकारात्मक रही है। उन्होंने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में देखा है कि किस प्रकार कर्मचारी अपनी निष्ठा से संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।” कुलपति ने विश्वास जताया कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद की ‘दूसरी पारी’ में भी वे इसी ऊर्जा के साथ सफल होंगे।

​स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मान

​समारोह के दौरान कुलपति प्रो. वंदना सिंह और परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने रमेश चंद्र यादव को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर गाजीपुर और जौनपुर से आए विभिन्न कॉलेजों के प्रबंधकों और शिक्षकों ने भी उन्हें माल्यार्पण कर भावभीनी विदाई दी।

​वक्ताओं ने की कार्यों की सराहना

​कार्यक्रम में उपस्थित विद्वतजनों ने रमेश चंद्र यादव के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों ने अपने विचार साझा किए:

  • प्रो. विजय सिंह (शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष): उन्होंने रमेश यादव के संघर्षों और सहयोग की सराहना की।
  • प्रमुख वक्ता: प्रो. राजेश सिंह, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. लक्ष्मण प्रसाद सिंह, डॉ. यदुवंश कुमार, कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, राधेश्याम सिंह मुन्ना और अध्यक्ष वारिंदर यादव ने उनके योगदान को याद किया।

​विश्वविद्यालय एक परिवार: रमेश चंद्र यादव

​विदाई समारोह में भावुक होते हुए रमेश चंद्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय उनके लिए एक परिवार की तरह था और आगे भी रहेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी वे विश्वविद्यालय के हितों के लिए सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि “हर कर्मचारी छात्र और शिक्षक हित की बात करता है, और यदि किसी से कोई छोटी-मोटी गलती हो जाती है, तो उसे सुधार का मौका जरूर दिया जाना चाहिए।”

​प्रमुख उपस्थिति

​कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राजेश सिंह ने किया। इस अवसर पर लक्ष्मी मौर्य, राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, उत्तम चौबे, सुशील प्रजापति, रजनीश सिंह, अशोक सिंह, अलका सिंह, नीलम, रिचा सिंह, अटेवा नेता इंदु प्रकाश सिंह, डॉ. यामिनी सिंह सहित विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।

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Author: fastblitz24

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