
उत्तर प्रदेश के नोएडा प्रशासन ने मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान लापरवाही और निर्देशों का पालन न करने के आरोप में तीन थानों में 60 से ज़्यादा बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और सात सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. प्रदेश के बहराइच में भाजपा नेता की शिकायत पर लापरवाही के आरोप में दो बीएलओ को निलंबित किया गया है और तीसरे पर केस दर्ज किया गया है.


रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा में यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के सेक्शन 32 के तहत की गई. डीएम मेधा रूपम, जो नोएडा की जिला चुनाव अधिकारी भी हैं, के आदेश पर नोएडा के तीन विधानसभा क्षेत्रों के एसडीएम ने उन बीएलओ के नाम एफआईआर दर्ज कीं, जिन्होंने कथित तौर पर नियमों का पालन नहीं किया है.
ज्ञात हो कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर चरण-II के लिए एक महीने के गिनती के लिए बीएलओ को डिस्ट्रीब्यूशन और कलेक्शन का इंचार्ज बनाया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 4 दिसंबर है. बिहार की प्रक्रिया से अलग मौजूदा चरण में बीएलओ पर यह ज़िम्मेदारी है कि वे गिनती के चरण के दौरान ही फॉर्म पर दी गई वोटर डिटेल्स को वोटर या उनके माता-पिता की पुरानी वोटर लिस्ट से मिलाएं.
Author: fastblitz24



