जौनपुर में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग ने युवक को ठगा, नकदी और मोबाइल लेकर फरार
फास्ट ब्लिट्ज ब्यूरो | जौनपुर

नगर में वैवाहिक धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बांदा से आए एक युवक और उसके परिजनों को ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह ने अपना शिकार बनाया। शनिवार देर शाम लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शाहगंज हाईवे पर हुई इस घटना ने सोशल मीडिया के जरिए होने वाले रिश्तों और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


सोशल मीडिया से बुना गया जाल
पीड़ित रवि द्विवेदी (निवासी बांदा) के अनुसार, कुछ महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी मुलाकात श्वेता नामक महिला से हुई थी। बातों का सिलसिला आगे बढ़ा और श्वेता ने रवि के साले आनंद पांडे (निवासी रीवा) के लिए जौनपुर में एक रिश्ता सुझाया। विश्वास जीतने के लिए 17 अप्रैल को बदलापुर तहसील में एक मुलाकात तय की गई। यहाँ श्वेता ने युवक पक्ष को कथित दुल्हन और उसके परिजनों (चाचा रमेश शर्मा और भाई सुमित शर्मा) से मिलवाया। आरोपियों ने अपनी प्रामाणिकता सिद्ध करने के लिए आधार कार्ड तक दिखाए, जिससे पीड़ित पक्ष को जरा भी संदेह नहीं हुआ।
साजिश और ‘कोर्ट मैरिज’ का ड्रामा
अगले दिन यानी 18 अप्रैल को कोर्ट मैरिज का झांसा देकर सभी को जौनपुर शहर बुलाया गया। यहाँ लोहिया पार्क के पास एक व्यक्ति ने खुद को वकील बताकर कुछ दस्तावेजों पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराए। विदाई की रस्म से पहले, बिचौलिया श्वेता ने लड़की पक्ष को गरीब बताते हुए 80 हजार रुपये की मांग की। पैसे मिलने के बाद, गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ितों को विदाई के बहाने ऑटो से शाहगंज हाईवे स्थित कमला नेहरू इंटर कॉलेज के पास एक सुनसान रास्ते पर लिवा गए।
लूट और फरार गिरोह
घटनास्थल पर पहले से ही छह नकाबपोश साथी मौजूद थे। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को डरा-धमकाकर उनके पास मौजूद लगभग 1 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और सामान से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब वे शीतला चौकियां चौकी पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर, चौकी प्रभारी राम प्रकाश यादव ने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई लिखित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है।
यह पूरी घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली शादियों में बढ़ते जोखिम और पुलिस की कथित निष्क्रियता ने स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
Author: fastblitz24


