जौनपुर। बरसठी. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित समूह सखी और बैंक सखी योजना बरसठी विकास खंड में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। एनआरएलएम विभाग के कर्मचारियों पर इन महिलाओं से पेमेंट लगवाने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

एनआरएलएम के अंतर्गत बैंक सखी को प्रति माह 4000 समूह सखी को प्रति माह 2000 मानदेय दिया जाता है। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, जब तीन महीने का एक साथ पेमेंट लगाया जाता है, तो बैंक सखी के 12,000 में से 4000 रुपये जबरन वसूले जाते हैं, वहीं समूह सखी से ₹2000 रुपये लिए जाते हैं।


यह वसूली किसी एक गांव या एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि बरसठी विकास खंड की 88 ग्राम सभाओं में यह खेल लंबे समय से चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई समूह सखी और बैंक सखी महिलाओं ने बताया कि अगर हम शिकायत करते हैं तो हमारी नौकरी चली जाएगी, घर का चूल्हा जलना बंद हो जाएगा। डर के कारण हम अपनी तनख्वाह से पैसा देने को मजबूर हैं।
महिलाओं का यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारी उन्हें यह कहकर गुमराह करते हैं कि “यह तो फ्री का पैसा है, मिल-बांटकर खा लो। इस भय और भ्रष्ट व्यवस्था के चलते गांवों में सरकार द्वारा दी जा रही आजीविका संबंधी योजनाएं ठप पड़ती जा रही हैं, और जिन महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह मिशन चलाया गया, वही आज शोषण का शिकार हो रही हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेंगे. या फिर एनआरएलएम के नाम पर महिलाओं की मेहनत की कमाई यूं ही लूटी जाती रहेगी?
Author: fastblitz24

