जौनपुर। नेवढ़िया थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है। केराकत निवासी वर्षा पाल के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित पांच ससुरालियों के खिलाफ 16 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि वर्षा को दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

वर्षा पाल का विवाह 9 दिसंबर 2023 को नेवढ़िया के बनेवरा निवासी डॉ. संजय पाल से हुआ था। शादी के समय लगभग पांच लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान उपहार स्वरूप दिए गए थे। इसके बावजूद, विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज के रूप में दस लाख रुपये और एक चार पहिया वाहन की मांग शुरू कर दी।


आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर वर्षा को लगातार प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने कई बार अपने मायके पक्ष को इसकी जानकारी दी। बेटी का घर बचाने के लिए पिता ने अप्रैल 2025 में पांच लाख रुपये ऑनलाइन दामाद के बैंक खाते में भेजे भी, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा।
पीड़िता के अनुसार, 8 अक्टूबर 2025 को मुंबई में पति, ससुर, सास और देवरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद, 26 नवंबर 2025 को ससुराल में दहेज को लेकर एक बार फिर गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोप है कि उसका स्त्री-धन अपने पास रखकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए घर से निकाल दिया गया।
इस मामले से आहत होकर पीड़िता के पिता ने नेवढ़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति डॉ. संजय पाल, ससुर देवशरण पाल, सास सुशीला देवी, देवर डॉ. अभिषेक पाल और आशुतोष पाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नेवढ़िया उपनिरीक्षक दिलीप कुमार यादव को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
Author: fastblitz24



