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काश! सुनाई दे जाती ट्रेन की आवाज: दवा लेने जा रहे बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत, अंगों के चीथड़े उड़े

 

  • महगांव स्टेशन के पास कोठवार क्रॉसिंग पर हुआ हादसा, बुजुर्ग की मौत से परिवार में कोहराम, गांव में पसरा सन्नाटा

  • मल्हनी (जौनपुर)

    ​वाराणसी-शाहगंज रेल प्रखंड पर महगांव रेलवे स्टेशन के समीप कोठवार रेलवे क्रॉसिंग के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां ट्रैक पार करते समय एक 85 वर्षीय बुजुर्ग ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    ​मेडिकल कॉलेज जा रहे थे बुजुर्ग

    ​जानकारी के मुताबिक, सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव निवासी लक्ष्मण विश्वकर्मा (85 वर्ष), पुत्र स्व. सुखनंदन विश्वकर्मा रविवार सुबह करीब 8:30 बजे पैदल ही उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (सिद्दीकपुर) दवा लेने के लिए घर से निकले थे।

    ​नहीं सुन सके ट्रेन की आवाज, बिखर गए शव के अंग

    ​प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लक्ष्मण विश्वकर्मा को कान से कम सुनाई देता था। जब वह कोठवार गांव के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। कान से कमजोर होने के कारण वह ट्रेन का हॉर्न और उसकी आवाज नहीं सुन सके। जब तक वह संभल पाते, ट्रेन उन्हें रौंदते हुए निकल गई। हादसा इतना वीभत्स था कि बुजुर्ग के शव के अंग ट्रैक पर दूर-दूर तक बिखर गए।

    मौके पर जुटी भारी भीड़, परिजनों में कोहराम

    हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव के अंगों को समेटकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। बुजुर्ग की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गिरधरपुर गांव में शोक का माहौल है।

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Author: fastblitz24

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