दुल्हन के ममेरे भाई की साजिश का मोहरा बना था कुख्यात
लाइनबाजार थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी जख्मी, एक बदमाश फरार
विशेष संवाददाता, जौनपुर

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले को झकझोर कर रख देने वाले बहुचर्चित ‘दूल्हा हत्याकांड’ के मुख्य शूटर और एक लाख रुपये के इनामी अपराधी रवि यादव को पुलिस ने एक सनसनीखेज मुठभेड़ में मार गिराया है। यह कार्रवाई खेतासराय थाना क्षेत्र के गोरारी इलाके में हुई। हालांकि, कानून-व्यवस्था और पुलिसिया इकबाल पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच मिली इस सफलता के दौरान खाकी को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। बदमाशों की अंधाधुंध फायरिंग में लाइनबाजार थाना प्रभारी केके सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक अन्य पुलिस अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बचे।


यह एनकाउंटर उस वक्त हुआ है जब घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन पर कानून-व्यवस्था को लेकर चौतरफा दबाव बना हुआ था। शादी के दिन ही दूल्हे की सरेआम हत्या ने पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी थी, जिसके बाद से ही महकमा लगातार जन-आक्रोश और शासन के निशाने पर था।
खाकी पर लगातार था भारी दबाव, देर से जागी पुलिस
बीते 1 मई को खेतासराय के मनेछा गांव में जिस दुस्साहसिक तरीके से बारात लेकर जा रहे 21 वर्षीय दूल्हे आजाद बिंद की कार को घेरकर गोलियां बरसाई गईं, उसने जौनपुर पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया था। सरायख्वाजा के बड़ऊर गांव से उठी डोली के जनाजे में बदलने की इस घटना ने पूरे सूबे में कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए थे।
स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार के बढ़ते आक्रोश, और राजनीतिक गलियारों से आ रहे भारी दबाव के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू किया था। इसी दबाव का नतीजा था कि रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर कई थानों की फोर्स को उसकी तलाश में झोंका गया था।
आधी रात को गोरारी में मुठभेड़: ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला इलाका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद क्षेत्राधिकारी (CO) के नेतृत्व में कई थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने गोरारी इलाके में घेराबंदी की। बाइक से भाग रहे दो संदिग्धों को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे तौर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
मुठभेड़ का विवरण:
- शूटर ढेर: रवि यादव (एक लाख का इनामी अपराधी) मौके पर ही मारा गया।
- घायल पुलिसकर्मी: लाइनबाजार थाना प्रभारी केके सिंह (अस्पताल में भर्ती)।
- बचाव: एक अन्य अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण सुरक्षित।
- फरार बदमाश: रवि यादव का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
रिश्तों के कत्ल की खूनी दास्तान
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। 1 मई को होने वाली इस शादी में दूल्हा आजाद बिंद अपनी दुल्हन सोनी को ब्याहने गाजे-बाजे के साथ निकला था। मनेछा बादशाही के पास कपड़े से ढकी नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार नकाबपोश बदमाशों ने कार के समानांतर आकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही आजाद ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस की तफ्तीश में यह साफ हो चुका है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की स्क्रिप्ट किसी पेशेवर दुश्मन ने नहीं, बल्कि दुल्हन के ममेरे भाई प्रदीप बिंद ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। रवि यादव इसी साजिश को अंजाम देने वाला मुख्य जरिया था।
भले ही पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर अपनी साख बचाने की कोशिश की हो, लेकिन वारदात के इतने दिनों बाद मिली यह सफलता और मौके से एक बदमाश का फरार हो जाना, जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर अब भी कई गंभीर सवाल छोड़ जाता है।
Author: fastblitz24



