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करोड़ों का ‘बजाज लोन’ घोटाला: जौनपुर साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन; देशव्यापी ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड दबोचा, ढाई करोड़ उड़ाए

     बजाज कंपनी के नाम पर फर्जी टूर-पैकेज और इंश्योरेंस का लालच देकर हजारों लोगों को बनाया शिकार

      15 एटीएम, 9 पासबुक और नकली आधार कार्ड 

जौनपुर।

        जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने लोन, इन्वेस्टमेंट और ‘बजाज रन टूर एंड ट्रैवल्स’ के नाम पर देश भर के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर इस अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, मोबाइल और कैश बरामद हुआ है। अब तक की जांच में सामने आया है कि यह शातिर ठग लोगों से करीब 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।

रात के अंधेरे में घेराबंदी: सुखलालगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोचा

​पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल साइबर क्राइम आयुष श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी देवेश सिंह के निर्देश पर साइबर सेल की टीम लगातार इस गिरोह पर नजर रख रही थी। साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिम्ब पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। 12 जून 2026 की रात करीब 08:30 बजे प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने सुखलालगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को दबोच लिया।

सलाखों के पीछे पहुंचा मास्टरमाइंड:

  • नाम: शुभम सिंह पुत्र अनिल सिंह
  • निवासी: पपरावन, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश)

क्राइम कुंडली: महाराष्ट्र से लेकर नेशनल साइबर पोर्टल तक दर्ज हैं मुकदमे

​पकड़ा गया आरोपी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि शातिर अंतरराज्यीय अपराधी है। इसके खिलाफ जौनपुर में गंभीर धाराओं (बीएनएस और आईटी एक्ट) के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • जौनपुर में केस: मु0अ0सं0-33/2026 (धारा 318(4), 319(2), 336(3), 317(2), 338, 340(2) बीएनएस एवं 66C/66D आईटी एक्ट)।
  • मुंबई में केस: महाराष्ट्र के बृहन्मुंबई (पंत नगर थाना) में भी इसके खिलाफ मु0अ0सं0-190/2026 दर्ज है।
  • देशभर में शिकायतें: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस ठग के खिलाफ 20 से अधिक गंभीर शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं।

ऐसे बुनता था ठगी का जाल

⊄पूछताछ में आरोपी शुभम सिंह ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। ठगी का पूरा खेल बेहद शातिर तरीके से खेला जाता था:

  1. फर्जी वेबसाइट से फंसाते थे शिकार: आरोपी बजाज कंपनी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिए उन लोगों को टारगेट करता था जो लोन, बिजनेस इन्वेस्टमेंट या सस्ते टूर पैकेजेस की तलाश में होते थे।
  2. व्हाट्सएप पर ‘असली’ होने का नाटक: इच्छुक लोगों से फोन और व्हाट्सएप पर संपर्क कर उनका भरोसा जीता जाता था। ऑनलाइन वेरिफिकेशन और डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया को इतना हाईटेक और हूबहू असली जैसा दिखाया जाता था कि ग्राहक को शक ही न हो।
  3. फीस के नाम पर लाखों की ऐंठन: जैसे ही सामने वाला जाल में फंसता, उससे प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन चार्ज, इंश्योरेंस प्रीमियम, कैशबैक ऑफर और लोन अप्रूवल के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करा लिए जाते थे।

फर्जी आधार कार्ड से निकाले सिम, दूसरों के नाम पर खोले खाते

​जांच में सामने आया कि आरोपी ने असली आधार कार्डों में हेरफेर कर अपने फर्जी पते दर्ज किए और कूटरचित (Fake) आधार कार्ड तैयार किए। इन्हीं फर्जी आईडी के दम पर बाजार से सिम कार्ड एक्टिवेट कराए गए ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। यही नहीं, उसने अपने परिचितों, अन्य लोगों और ‘बजाज रन टूर एंड ट्रैवल्स’ फर्म के नाम पर कई बैंक खाते खुलवा रखे थे। जैसे ही ठगी की रकम खाते में आती, जौनपुर और आसपास के जिलों के एटीएम या सीएससी (CSC) सेंटरों से तुरंत कैश निकाल लिया जाता था।

साइबर सेल की बड़ी बरामदगी: ठग के पास से क्या-क्या मिला?

​पुलिस ने आरोपी के पास से साइबर अपराध को अंजाम देने वाली पूरी ‘टूलकिट’ बरामद की है:

  • कैश: 1,45,000/- रुपये नगद (ठगी की राशि)
  • स्मार्टफोन: 03 एंड्रॉयड और 03 की-पैड मोबाइल फोन
  • सिम कार्ड: 04 एक्टिवेटेड फर्जी सिम
  • दस्तावेज: 01 कूटरचित आधार कार्ड, 01 फर्जी आधार की फोटोकॉपी, 01 असली आधार कार्ड
  • बैंकिंग टूल्स: 15 एटीएम कार्ड, 09 बैंक पासबुक और 07 चेकबुक

सफलता पाने वाली पुलिस टीम

​इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, उप निरीक्षक आलोक कुमार सिंह, कांस्टेबल ज्योति श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबल राजेश सिंह, मुकेश कुमार, संतोष यादव, दिनेश कुमार और कांस्टेबल आनंद, प्रफुल्ल, संग्राम सिंह, सत्यम गुप्ता, परवेज अहमद, अमिलेश कुमार व महिला कांस्टेबल आकांक्षा सिंह की मुख्य भूमिका रही।

 

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Author: fastblitz24

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