जीवन में नई ऊंचाइयों को छूना है तो अनुशासन सबसे जरूरी मंत्र: कुलपति प्रो. वंदना सिंह
शिविर कमांडेंट कर्नल आलोक डी. सिंह ने साझा किए सेना से जुड़े अनुभव, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने दिया हर संभव चिकित्सा सहायता का भरोसा

जौनपुर (ब्यूरो): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम में चल रहे 98 यूपी बटालियन एनसीसी के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को बेहद गरिमामयी माहौल में समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान पूरे शिविर में उत्कृष्ट और अनुशासित प्रदर्शन करने वाले होनहार कैडेटों को पदक व विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।


अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी: कुलपति
कैडेटों का हौसला बढ़ाते हुए और उन्हें देश सेवा के साथ बेहतर करियर निर्माण के लिए प्रेरित करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा:
”जीवन की नई और गौरवमयी ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए अनुशासन सबसे पहली और अनिवार्य शर्त है। एनसीसी के इन शिविरों में युवाओं को इसी अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के सांचे में बेहद बेहतरीन ढंग से ढाला और प्रशिक्षित किया जाता है।”
कैंप की खास बातें: सेना के गुर और चिकित्सा सुरक्षा का मिला भरोसा
- सेना से जुड़ी बारीकियां सीखीं: शिविर कमांडेंट कर्नल आलोक डी. सिंह ने समापन के मौके पर सभी कैडेटों के साथ भारतीय सेना से संबंधित बेहद महत्वपूर्ण व तकनीकी जानकारियां साझा कीं। उन्होंने युवाओं को रक्षा क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।
- मेडिकल सहायता की प्रतिबद्धता: कार्यक्रम में मौजूद उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने एनसीसी शिविरों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी शिविर के दौरान चिकित्सा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं, प्री और पोस्ट मेडिकल सहायता कॉलेज प्रशासन की तरफ से प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इन दिग्गजों ने भी बढ़ाया देश के भावी प्रहरियों का उत्साह
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त अभियंता सी. सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव केशलाल और डॉ. श्वेता पांडेय ने भी कैडेटों को संबोधित किया और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सराहा। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल नागेंद्र सिंह राठौड़ ने किया।
इन्होंने निभाया विशेष योगदान
इस वार्षिक प्रशिक्षण शिविर को अनुशासित और सफल बनाने में सूबेदार मेजर कृष्ण पाल सिंह, बलबीर सिंह, शांत राणा, भृगु यादव, मनोज सिंह, राजीव, त्रिवेंद्र सिंह, आरिफ अली, संजय यादव, कृष्ण बहादुर, बलबीर सिंह और अरुण कुमार सिंह ने अपना विशेष और महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Author: fastblitz24


