10 साल पहले खरीदी गई थी जमीन: म्यूटेशन होने के बाद भी कब्जा करने की कोशिश का आरोप; जांच में जुटी 4 थानों की पुलिस
जौनपुर (बदलापुर)।

जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीनी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पुश्तैनी रंजिश और जमीन पर कब्जे को लेकर हुए लाठी-डंडों के संघर्ष में 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।


भाई के साथ जमीन पर गई थी महिला, विवाद के बाद टूट पड़े आरोपी
जानकारी के मुताबिक, सवंसा गांव की रहने वाली आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह बुधवार सुबह अपने भाई संदीप सिंह के साथ उस जमीन पर गई थीं, जिसे वो अपनी मालिकाना हक की बता रही थीं। वहां पहले से मौजूद विपक्षी ओम प्रकाश सिंह और उनकी दो बेटियों रोमा व रीतू ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने चेतना सिंह पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण चेतना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
10 साल पहले खरीदी थी जमीन, दाखिल-खारिज भी हो चुका था
मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह विवादित जमीन करीब 10 साल पहले ओम प्रकाश सिंह के पिता स्वर्गीय जय नारायण सिंह से कानूनी तौर पर खरीदी थी। इस जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) भी उनकी मां सुदामा देवी के नाम दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद ओम प्रकाश और उसका परिवार जबरन जमीन पर कब्जा करने की फिराक में था।
मौके पर पीएसी और 4 थानों का फोर्स तैनात, इकलौते बेटे का रो-रोकर बुरा हाल
हत्या की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर एसडीएम बदलापुर, राजस्व विभाग की टीम और चार थानों की पुलिस फोर्स ने पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना के बाद से मृतका के इकलौते बेटे आयुष सिंह (वैभव) का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: fastblitz24



