देश भर के संतों की उपस्थिति में हुआ पट्टाभिषेक

विशेष संवाददाता, जौनपुर।

जिले के जलालपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बड़कू हनुमान जी आश्रम में नौ दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय नारी महाकुंभ’ का समापन एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय के साथ हुआ। महाकुंभ के अंतिम दिन देश भर से जुटे चार जगद्गुरुओं, महामंडलेश्वरों और शीर्ष संतों ने एक सुर में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आह्वान किया। इस अवसर पर सिद्धपीठ बड़कू हनुमान जी आश्रम के पीठाधीश्वर प्रभु रामदास जी का भव्य पट्टाभिषेक कर उन्हें आधिकारिक रूप से आश्रम का महंत नियुक्त किया गया।


संतों ने सौंपा अधिकार पत्र
समारोह के दौरान देश के विभिन्न कोनों से आए 54 प्रमुख संतों ने ‘महाजरनामा’ (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर कर महंत पद का अधिकार पत्र हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में प्रभु रामदास जी को सौंपा। इसके उपरांत जगद्गुरु बालकदेवाचार्य ने उन्हें ‘महंत प्रभु रामदास’ घोषित किया। संतों ने सर्वसम्मति से जौनपुर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नेतृत्व महंत प्रभु रामदास जी महाराज को सौंपा, जबकि अखिल भारतीय स्तर पर इसकी कमान ‘राम पंथ’ को प्रदान की गई।

सनातन संस्कृति का नेतृत्व करेंगी महिलाएं
नारी महाकुंभ के दूरगामी संदेश पर प्रकाश डालते हुए वृंदावन से पधारे जगद्गुरु भैया जी महाराज ने कहा कि इस आयोजन ने दुनिया में एक नया इतिहास रचा है। अब नारी शक्ति भारत की संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाएगी। वहीं, अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़ा (अयोध्या) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत मुरली दास जी ने इसे अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि यह महाकुंभ महिलाओं की महत्ता को जागृत करने वाला सिद्ध होगा और भविष्य में ऐसे आयोजन देश के अन्य हिस्सों में भी किए जाएंगे।
ऐतिहासिक धर्मादेश: हर गांव में होगी माता जानकी की पूजा
विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष एवं राम पंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने संतों द्वारा जारी ‘धर्मादेश’ की घोषणा की। इस धर्मादेश के तहत:
- महिला पुजारी: सनातन परंपरा को सुदृढ़ करने के लिए अब महिलाओं को पुजारी के रूप में प्रशिक्षित और नियुक्त किया जाएगा।
- धर्मांतरण पर रोक: महिलाओं को धर्मांतरण की चुनौतियों के विरुद्ध स्वयं को वैचारिक और सांस्कृतिक रूप से तैयार करने का संकल्प दिलाया गया।
- माता जानकी की पूजा: हर गांव में माता जानकी की नियमित पूजा का अभियान चलाया जाएगा ताकि ग्रामीण परिवेश की महिलाएं निडर और निर्भीक बन सकें।
- जानकी कुंड मेला: सिद्धपीठ बड़कू हनुमान जी आश्रम में प्रत्येक वर्ष सीता नवमी के पावन अवसर पर ‘जानकी कुंड मेला’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

देश भर के संतों का रहा जमावड़ा
इस भव्य समापन समारोह में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली, नोएडा और हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए संतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रमुख उपस्थिति: जगद्गुरु भईया जी महाराज, जगद्गुरु बालक देवाचार्य, महंत मुरली दास, महंत अवधेश दास, श्रीमहंत गौरी दास, महंत बलराम दास, महंत अनिरुद्ध दास, महंत जगदीश्वर दास, साध्वी राम प्रिया दास, और देवी श्वेताम्बर सहित दर्जनों पूजनीय संत इस ऐतिहासिक निर्णय के साक्षी बने।
Author: fastblitz24


