पराऊगंज बाजार में शव रखकर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, चक्काजाम; आक्रोश के आगे बेबस हुई जलालपुर पुलिस, मुकदमा दर्ज

मुख्य बातें:
- लापरवाही की हद: तेज बुखार के इलाज के लिए मासूम को लेकर पहुंचे थे परिजन।
- तड़प उठा बच्चा: इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी 5 वर्षीय ओम की हालत, रास्ते में तोड़ा दम।
- सड़क पर संग्राम: गद्दी-केराकत मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन, 15 मिनट तक बाधित रहा चक्का।
इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत, रास्ते में थम गईं सांसें
जौनपुर। जलालपुर क्षेत्र के पराऊगंज बाजार में एक बार फिर कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। छतरीपुर गांव निवासी सतीश विश्वकर्मा के 5 वर्षीय मासूम बेटे ओम विश्वकर्मा को तेज बुखार होने पर परिजन सोमवार की रात करीब 10-11 बजे पराऊगंज बाजार स्थित ‘शिवम क्लिनिक’ लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद तथाकथित डॉक्टर बी.आर. यादव ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही मासूम की हालत अचानक बद से बदतर होने लगी और वह तड़पने लगा।

खुद को फंसता देख झोलाछाप डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए और परिजनों को बच्चे को तुरंत कहीं और ले जाने की सलाह दी। बदहवास परिजन मासूम को लेकर जौनपुर अस्पताल के लिए भागे, लेकिन अफसोस कि रास्ते में ही मासूम ओम ने दम तोड़ दिया।


शव सड़क पर रख फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पुलिस के फूले हाथ-पांव
मासूम की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, कोहराम मच गया। गुस्से से लाल परिजनों और भारी संख्या में ग्रामीणों ने पराऊगंज बाजार पहुंचकर डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए शव को बीच सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन के कारण जलालपुर थाना गद्दी-केराकत मार्ग करीब 15 मिनट तक पूरी तरह ठप रहा। चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। थानाध्यक्ष प्रशांत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बमुश्किल जाम खुलवाया।
मुकदमा दर्ज, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के बाद मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपी कथित डॉक्टर बी.आर. यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
थानाध्यक्ष का कड़ा बयान:
“मासूम बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम की थी, जिसे समझा-बुझाकर हटवा दिया गया है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जांच में जुट गई हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
Author: fastblitz24



